शह मात The Big Debate: जमानत का जश्न.. इस रवायत पर प्रश्न? आखिरकार लखमा को मिली ‘आजादी’, क्या कट, कमीशन और करप्शन है सरकारी सिस्टम का पार्ट?

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शह मात The Big Debate: जमानत का जश्न.. इस रवायत पर प्रश्न? आखिरकार लखमा को मिली ‘आजादी’, क्या कट, कमीशन और करप्शन है सरकारी सिस्टम का पार्ट?

Kawasi Lakhma Latest News

Modified Date: February 5, 2026 / 12:13 am IST
Published Date: February 4, 2026 11:35 pm IST

रायपुरः Kawasi Lakhma Latest News कांग्रेस ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत और उनकी रिहाई को सत्य की जीत बताया। जोरदार जश्न मनाते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि आखिर सरकार के उनके खिलाफ षड़यंत्र का सच सामने आ रहा है तो सत्तापक्ष ने याद दिलाया कि अभी लखमा को शर्तों के साथ केवल अंतरिम जमानत की राहत मिली है। लखमा की रिहाई के साथ ही प्रदेश में घोटाले, कट, कमीशन और करप्शन पर बहस का मोर्चा भी खुल गया।

ढोल-ढमाके, गाजे-बाजे और आदिवासी पारंपरिक नृत्य के साथ रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं ने पूरी गर्मजोशी से पूर्व मंत्री कवासी लखमा का स्वागत किया। आबकारी घोटाला केस में 1 साल से ज्यादा समय तक जेल में रहे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त अंतरिम जमानत दी है। लखमा की रिहाई पर कांग्रेस ने सत्य की जीत बताते हुए बीजेपी सरकार पर बदले की कार्रवाई के आरोप दोहराए। पीसीसी चीफ ने कहा कि लखमा की रिहाई से बीजेपी सरकार की साजिश बेनकाब हो रही है।

Kawasi Lakhma Latest News वहीं लखमा को मिली जमानत को सत्तापक्ष ने सामान्य कानूनी प्रक्रिया बताते हुए याद दिलाया ये अंतरिम जमानत क्लीन चिट नहीं है। जांच का फैसला अभी बाकी है। प्रदेश के गृहमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार के सरताज थे भूपेश बघेल जिनके कई घोटाले हुए। इसी बीच कांग्रेस सरकार में डिप्टी CM रहे टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री की तारीफ के साथ-साथ मौजूदा दौर में कमीशन और भ्रष्टाचार पर तंज कसा। पूर्व डिप्टी CM सिंहदेव कह रहे हैं कि इन दिनों लेन-देन दुगुना-तिगुना हो गया। सवाल उठाया गया कि क्या ये स्वीकारोक्ति है कि पहले भी सिस्टम लेन-देन से चलता रहा है। सवाल ये भी कि लखमा की रिहाई क्या सत्य की जीत है? सबसे बड़ा सवाल क्या अब कट, कमीशन और करप्शन को सरकारी सिस्टम का पार्ट माना जाने लगा है?

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।