Solar Flare Live Video: बिगड़ गया सूरज का मिजाज!.. धमाकों के बाद लगातार रिलीज हो रहा सौर ज्वाला, क्या राख हो जायेंगे सभी सेटेलाइट्स और दूसरे उपकरण?

Solar Flare Live Video: विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश सौर ज्वालाएं पृथ्वी के लिए सीधा खतरा नहीं बनतीं, (Solar Flare Live Video) लेकिन X-क्लास सौर ज्वालाओं से बिजली ग्रिड, सैटेलाइट और संचार प्रणालियों को नुकसान पहुंच सकता है।

Solar Flare Live Video: बिगड़ गया सूरज का मिजाज!.. धमाकों के बाद लगातार रिलीज हो रहा सौर ज्वाला, क्या राख हो जायेंगे सभी सेटेलाइट्स और दूसरे उपकरण?

Solar Flare Live Video || Image- Pixabay FILE

Modified Date: February 4, 2026 / 10:42 pm IST
Published Date: February 4, 2026 10:41 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सूर्य पर तेज सोलर फ्लेयर सक्रिय
  • सैटेलाइट और रेडियो सिग्नल खतरे में
  • इसरो और एजेंसियां अलर्ट

नई दिल्ली: ब्रह्मांड की शांत फिजा में अब बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह हमसे करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित सूर्य है। फरवरी की शुरुआत होते ही सूर्य का मिजाज बिगड़ता नजर आ रहा है। वैज्ञानिक भाषा में इसे सोलर फ्लेयर (Solar Flare Live Video) की घटना कहा जा रहा है। यह खगोलीय घटनाओं में से एक बेहद अनोखी और शक्तिशाली घटना मानी जाती है। जानकारी के अनुसार, फरवरी की शुरुआत में सूर्य पर कई बड़े धमाके हुए हैं, जिनके कारण लगातार सौर ज्वाला का उत्सर्जन हो रहा है।

नष्ट हो जाएंगे सभी उपग्रह?

दावा किया जा रहा है कि सूर्य से निकलने वाली इस सौर ज्वाला यानी अत्यधिक ऊर्जा के कारण अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंच सकता है। इसका सीधा असर मोबाइल फोन, टीवी और रेडियो सिग्नल पर पड़ सकता है। इन शक्तिशाली सौर ज्वालाओं को देखते हुए भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो सहित दुनिया भर की स्पेस एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है। इसरो संभावित गंभीर रेडियो ब्लैकआउट की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

क्या है सौर ज्वाला?

वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य की सतह (फोटोस्फियर) और उसके ऊपरी वायुमंडल-क्रोमोस्फियर और कोरोना में जब चुंबकीय क्षेत्र अचानक टूटते हैं या पुनः जुड़ते हैं, तब सौर ज्वाला का निर्माण होता है। यह प्रक्रिया बेहद तेज और अत्यधिक ऊर्जा से भरपूर होती है। (Solar Flare Live Video) सूर्य पर मौजूद सनस्पॉट्स यानी काले धब्बों के आसपास चुंबकीय ऊर्जा का अत्यधिक जमाव होता है, और जब यह ऊर्जा अचानक मुक्त होती है, तो शक्तिशाली विस्फोट के रूप में सौर ज्वाला उत्पन्न होती है।

सौर ज्वाला कितनी खतरनाक?

सौर ज्वाला का प्रभाव पृथ्वी की तकनीकी प्रणालियों पर भी पड़ सकता है। इससे सैटेलाइट और GPS सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं, रेडियो संचार बाधित हो सकता है और पृथ्वी पर चुंबकीय तूफान उत्पन्न हो सकते हैं। इसके अलावा, हवाई जहाजों की संचार व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका रहती है, जबकि ऑरोरा यानी नॉर्दर्न लाइट्स अधिक तीव्र रूप में दिखाई देती हैं।

वैज्ञानिक सौर ज्वालाओं को उनकी तीव्रता के आधार पर वर्गीकृत करते हैं। A, B और C श्रेणी की ज्वालाएं कमजोर मानी जाती हैं, M श्रेणी की ज्वालाएं मध्यम प्रभाव वाली होती हैं, जबकि X श्रेणी की सौर ज्वालाएं अत्यंत शक्तिशाली और संभावित रूप से खतरनाक मानी जाती हैं।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश सौर ज्वालाएं पृथ्वी के लिए सीधा खतरा नहीं बनतीं, (Solar Flare Live Video) लेकिन X-क्लास सौर ज्वालाओं से बिजली ग्रिड, सैटेलाइट और संचार प्रणालियों को नुकसान पहुंच सकता है। इसी वजह से दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां सौर गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

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