जयशंकर की त्रिनिदाद यात्रा संपन्न, सांस्कृतिक संबंधों और विकास साझेदारी पर प्रकाश डाला

जयशंकर की त्रिनिदाद यात्रा संपन्न, सांस्कृतिक संबंधों और विकास साझेदारी पर प्रकाश डाला

जयशंकर की त्रिनिदाद यात्रा संपन्न, सांस्कृतिक संबंधों और विकास साझेदारी पर प्रकाश डाला
Modified Date: May 10, 2026 / 12:49 pm IST
Published Date: May 10, 2026 12:49 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

पोर्ट ऑफ स्पेन, 10 मई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने त्रिनिदाद और टोबैगो की अपनी यात्रा के समापन पर भारत और इस कैरेबियाई देश के बीच गहरे सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया। उनकी यात्रा के दौरान प्रवासी भारतीय समुदाय से संवाद और विकास सहयोग पर केंद्रित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जयशंकर ने शनिवार को भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की और गिरमिटिया समुदाय के साथ भारत के ‘‘खास संबंधों’’ पर जोर दिया। गिरमिटिया समुदाय उन भारतीय बंधुआ मजदूरों के वंशज हैं, जो औपनिवेशिक काल में कैरेबियाई देशों में गए थे।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के साथ मेरी यात्रा का समापन हुआ। गिरमिटिया समुदाय के साथ हमारे खास संबंधों को रेखांकित किया तथा इन्हें आगे और मजबूत करने पर चर्चा की।’’

जयशंकर ने कहा कि भारत त्रिनिदाद और टोबैगो का ‘‘विश्वसनीय एवं भरोसेमंद साझेदार’’ है, जो उसकी जरूरतों और आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है।

यहां स्थित भारतीय उच्चायोग की वेबसाइट के अनुसार, 1845 से 1917 के बीच भारतीय उपमहाद्वीप से लगभग 1,43,000 बंधुआ मजदूर त्रिनिदाद पहुंचे थे। इनमें अधिकतर लोग उत्तर भारत और बिहार से थे।

वेबसाइट के अनुसार, इन मजदूरों की पांचवीं और छठी पीढ़ी के वंशज अब देश की लगभग 13.6 लाख आबादी (2024 के अनुसार) का करीब 40-45 प्रतिशत हिस्सा हैं और वे देश की आर्थिक, राजनीतिक तथा सामाजिक संरचना का अहम अंग बन चुके हैं।

जयशंकर शुक्रवार को परामारिबो से पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे थे। यह उनकी जमैका, सूरीनाम तथा त्रिनिदाद और टोबैगो की तीन देशों की यात्रा का अंतिम चरण था। इस यात्रा का उद्देश्य कैरेबियाई देशों के साथ भारत की सहभागिता को और मजबूत करना है।

शनिवार को वह दत्तात्रेय मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने लोगों के कल्याण तथा भारत-त्रिनिदाद एवं टोबैगो संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रार्थना की।

दत्तात्रेय मंदिर मध्य त्रिनिदाद का एक प्रमुख हिंदू मंदिर है, जो भगवान हनुमान की 85 फुट ऊंची प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है।

विदेश मंत्री ने एक अन्य पोस्ट में दक्षिण त्रिनिदाद में ‘इंडो-त्रिनबागोनियन’ समुदाय के साथ अपनी मुलाकात को ‘‘घर से दूर दूसरा घर’’ बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण त्रिनिदाद में इंडो-त्रिनबागोनियन समुदाय के बीच रहना बेहद सुखद अनुभव रहा। आत्मीयता कई रूपों में दिखाई दी और स्नेह उससे भी अधिक था।’’ जयशंकर ने इसके लिए कैरेबियाई देश की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर का आभार व्यक्त किया।

विदेश मंत्री ने पीनल नगर में प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के साथ मिलकर एक स्थायी कृत्रिम अंग केंद्र का भी उद्घाटन किया। यह केंद्र भारत के ‘जयपुर फुट’ शिविर की सफलता के बाद स्थापित किया गया, जिससे देश में 800 से अधिक दिव्यांग लोगों को लाभ मिला था।

‘जयपुर फुट’ कम लागत वाला कृत्रिम अंग अभियान है, जिसने दुनिया भर में हजारों दिव्यांग लोगों को दोबारा चलने-फिरने में मदद की है।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस कृत्रिम अंग केंद्र को ‘‘जन-केंद्रित परियोजना’’ बताते हुए कहा कि यह ‘‘त्रिनिदाद और व्यापक कैरिकॉम (कैरेबियाई देशों का क्षेत्रीय संगठन) क्षेत्र के लिए गतिशीलता और सम्मान का उपहार’’ है।

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल


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