तोक्यो, 23 जनवरी (एपी) जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने शुक्रवार को संसद के निचले सदन को भंग कर दिया जिससे आठ फरवरी को मध्यावधि चुनाव कराए जाने का रास्ता साफ हो गया।
यह कदम मात्र तीन महीने पहले प्रधानमंत्री का पद संभालने वाली ताकाइची का, अपनी लोकप्रियता का लाभ उठाने का प्रयास है ताकि सत्तारूढ़ दल हाल के वर्षों में हुए भारी नुकसान के बाद फिर से अपनी स्थिति मजबूत कर सके। हालांकि उनके इस कदम से उस बजट पर मतदान टल जाएगा जिसका मकसद जूझती अर्थव्यवस्था को गति देना और महंगाई से निपटना है।
ताकाइची को अक्टूबर में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री चुना गया था। ताकाइची को प्रधानमंत्री बने मात्र तीन महीने हुए हैं लेकिन उन्हें करीब 70 प्रतिशत की मजबूत स्वीकृति रेटिंग मिली है।
ताकाइची की ताइवान समर्थक टिप्पणियों के बाद चीन के साथ तनाव बढ़ रहा है और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि ताकाइची हथियारों पर अधिक खर्च करें, क्योंकि वाशिंगटन और बीजिंग इस क्षेत्र में सैन्य प्रभुत्व हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
जापान के 465 सदस्यीय निचले सदन के भंग होने से 12-दिवसीय चुनाव अभियान का रास्ता साफ हो गया है, जो आधिकारिक रूप से मंगलवार से शुरू होगा।
ताकाइची की शीघ्र चुनाव कराने की योजना का उद्देश्य उनकी लोकप्रियता का लाभ उठाकर सत्तारूढ़ ‘लिबरल डेमोक्रेट पार्टी’ (एलडीपी) के बहुमत को निचले सदन में बढ़ाना है। निचला सदन जापान की दो सदन वाली संसद में अधिक शक्तिशाली सदन है।
एपी सिम्मी मनीषा
मनीषा