कानून तय करेगा कि खालिदा जिया इलाज के लिए विदेश जा सकती हैं या नहीं: प्रधानमंत्री हसीना

कानून तय करेगा कि खालिदा जिया इलाज के लिए विदेश जा सकती हैं या नहीं: प्रधानमंत्री हसीना

कानून तय करेगा कि खालिदा जिया इलाज के लिए विदेश जा सकती हैं या नहीं: प्रधानमंत्री हसीना
Modified Date: November 29, 2022 / 08:15 pm IST
Published Date: November 17, 2021 9:37 pm IST

(अनीसुर रहमान)

ढाका, 17 नवंबर (भाषा) बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को कहा कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की इलाज के लिए विदेश जाने की अर्जी ‘कानूनी मसला’ है और उनकी सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र के तहत जिया को जेल से सशर्त रिहा करके अपनी जिम्मेदारी अदा कर दी है।

बांग्लादेश के मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष जिया (76) भ्रष्टाचार के दो मामलों में फरवरी 2018 से 17 साल कैद की सजा काट रही हैं। वह दो साल से गठिया, मधुमेह, गुर्दे संबंधी रोगों, फेफड़े की बीमारियों और आंखों की समस्या से जूझ रही हैं।

जिया के परिवार ने सोमवार को सरकार को आवेदन दिया था कि उच्च श्रेणी के उपचार के लिए उन्हें विदेश ले जाने की अनुमति दी जाए।

हसीना ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘मैंने अपनी जिम्मेदारी निभा दी है और अब यह एक कानूनी मसला है।’’

तीन बार प्रधानमंत्री रह चुकीं जिया का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके परिवार के सदस्यों और विपक्ष के नेताओं का कहना है कि उनकी हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ रही है।

हसीना (74) ने थोड़े नाराजगी भरे स्वर में पत्रकारों से कहा कि जिया के सत्ता में रहते समय उन पर बार-बार हुए ‘सरकार प्रायोजित’ हमलों को ठीक से याद करें। 2004 के एक ग्रेनेड हमले में हसीना बाल-बाल बच गयी थीं जब जिया प्रधानमंत्री थीं।

हसीना 21 अगस्त, 2004 को ग्रेनेड हमले में बाल-बाल बच गयी थीं लेकिन इसमें उनकी तत्कालीन विपक्षी अवामी लीग के 24 नेता और कार्यकर्ता मारे गये थे।

हसीना के बयान से कुछ घंटे पहले कानून मंत्री अनीसुल हक ने संसद में कहा था कि सरकार बेहतर इलाज के लिए विदेश जाने की जिया की अर्जी पर तभी सुनवाई करेगी जब वह जेल में लौट जाती हैं और कानूनी प्रावधान के अनुसार नया आवेदन देती हैं।

बीएनपी की महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने पहले सरकार से मांग की थी कि उनकी गंभीर रूप से अस्वस्थ पार्टी अध्यक्ष को मानवीय आधार पर उन्नत उपचार के लिए विदेश जाने दिया जाए।

उन्होंने बीएनपी द्वारा आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में कहा, ‘‘खालिदा जिया इतनी बीमार हैं कि मैं आपको बता नहीं सकता।’’

भाषा

वैभव पवनेश

पवनेश


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