लंदन: तिलक लगाने पर छात्र से सवाल किए जाने के बाद स्कूल पर लगा धार्मिक भेदभाव का आरोप

लंदन: तिलक लगाने पर छात्र से सवाल किए जाने के बाद स्कूल पर लगा धार्मिक भेदभाव का आरोप

लंदन: तिलक लगाने पर छात्र से सवाल किए जाने के बाद स्कूल पर लगा धार्मिक भेदभाव का आरोप
Modified Date: January 21, 2026 / 12:57 am IST
Published Date: January 21, 2026 12:57 am IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 20 जनवरी (भाषा) उत्तर-पश्चिमी लंदन में आठ वर्षीय एक छात्र को माथे पर तिलक लगाने की वजह से टोके जाने के कारण के एक उच्च श्रेणी के प्राथमिक विद्यालय पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगा है। प्रवासी समुदाय के एक समूह ने यह दावा किया।

‘इंसाइट यूके’ ने सोमवार को एक बयान में दावा किया कि वेम्बली स्थित ‘विकार्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल’ में इस घटना के कारण बच्चे और उसके परिवार को ‘काफी मानसिक पीड़ा’ झेलनी पड़ी।

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इस घटना के कारण हिंदू अभिभावकों के पास कम से कम चार बच्चों को स्कूल से निकालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

स्कूल ने हालांकि किसी भी प्रकार के भेदभाव से इनकार किया।

इस संस्थान में 50 से अधिक भाषा पृष्ठभूमियों के छात्र पढ़ते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में हिंदू भी शामिल हैं।

‘इनसाइट यूके’ के एक प्रवक्ता ने कहा, “तिलक-चंदलो कोई सौंदर्य प्रसाधन या सांस्कृतिक वस्तु नहीं बल्कि यह अनेक हिंदुओं के लिए एक अभिन्न धार्मिक रिवाज है।”

उन्होंने कहा, “किसी बच्चे को अपने धर्म का पालन करने से रोकना, या ऐसा करने पर उन्हें शर्मिंदा या भयभीत करना आधुनिक, बहुसांस्कृतिक ब्रिटेन में पूरी तरह अस्वीकार्य है।”

प्रवक्ता ने कहा, “विश्व भर में एक अरब से अधिक हिंदुओं के लिए तिलक-चंदलो, बिंदी, टीका, त्रिपुंड आदि जैसे चिह्न आस्था की अभिन्न अभिव्यक्ति हैं। शैक्षणिक परिवेश में ऐसी प्रथाओं को तुच्छ समझना या गलत नाम देना धार्मिक साक्षरता की चिंताजनक कमी को दर्शाता है।”

समूह द्वारा संकलित रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल के प्रधानाध्यापक और गवर्नर ने संवाद के प्रयासों के दौरान “सांस्कृतिक व धार्मिक संवेदनशीलता” की कमी दिखाई।

‘इनसाइट यूके’ ने स्कूल से समानता और सुरक्षा कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अपनी नीतियों व कर्मचारियों के प्रशिक्षण की समीक्षा करने का आह्वान किया।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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