मैक्रों ने देशों से एआई विनियमन और तकनीक साझा करने पर सहयोग बढ़ाने की अपील की

मैक्रों ने देशों से एआई विनियमन और तकनीक साझा करने पर सहयोग बढ़ाने की अपील की

मैक्रों ने देशों से एआई विनियमन और तकनीक साझा करने पर सहयोग बढ़ाने की अपील की
Modified Date: June 18, 2026 / 12:40 pm IST
Published Date: June 18, 2026 12:40 pm IST

एवियॉन (फ्रांस), 18 जून (एपी) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को दुनिया के समृद्ध लोकतांत्रिक देशों से अपील की कि वे उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणालियों के नियमन के लिए मिलकर काम करें।

मैक्रों ने यह अपील उस उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान की, जिसमें एआई क्षेत्र के कई प्रमुख उद्योगपति भी शामिल हुए। इसी बैठक में सैम आल्टमैन ने भी समान विचार रखते हुए कहा कि एआई सुरक्षा और नियंत्रण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच की आवश्यकता है, ताकि देशों के बीच एआई के लिए समान मानक और सुरक्षा दिशानिर्देश तय किए जा सकें।

ओपेन एआई के सीईओ आल्टमैन ने कहा कि एआई सुरक्षा का काम केवल तकनीकी कंपनियों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि इसे वैश्विक सहयोग से संचालित किया जाना चाहिए।

बैठक में एआई क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें डेमिस हसाबिस और डेरियो अमोदेई भी शामिल थे।

यह चर्चा उस विवाद की पृष्ठभूमि में हुई, जो अमेरिकी प्रशासन के हालिया निर्देश के बाद सामने आया था। इस निर्देश में विदेशी नागरिकों द्वारा एन्थ्रॉपिक के नवीनतम और सबसे शक्तिशाली एआई मॉडलों के उपयोग पर रोक लगाई गई थी।

मैक्रों ने इस कदम को “राष्ट्रवादी” प्रतिक्रिया बताते हुए आलोचना की, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह अच्छा है कि अमेरिका ने यह स्वीकार किया है कि उन्नत एआई मॉडल संभावित रूप से खतरनाक हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि देश इस तकनीक तक पहुंच सीमित करते हैं, तो इससे अमेरिकी कंपनियों के वैश्विक मूल्य और प्रभाव पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि फ्रांस अपने एआई उद्योग में निवेश बढ़ाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग विफल होने की स्थिति में देश पीछे न रह जाए।

बैठक में जी7 शिखर सम्मेलन के तहत “सुरक्षित और प्रभावी एआई उपयोग” विषय पर चर्चा हुई। इसमें जी7 देशों के साथ-साथ कई प्रमुख एआई कंपनियों के सीईओ शामिल थे।

आल्टमैन ने कहा कि एआई का भविष्य लोकतांत्रिक संस्थाओं और समाज द्वारा तय किया जाना चाहिए, न कि केवल उन कंपनियों द्वारा जो सबसे शक्तिशाली मॉडल विकसित कर रही हैं।

कई विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि लोकतांत्रिक देशों को एआई विकास में सहयोग बढ़ाना चाहिए ताकि वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में केवल दो प्रमुख शक्तियों (अमेरिका और चीन) का प्रभुत्व न रह जाए।

जी7 समूह में फ्रांस, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं, जबकि भारत सहित कुछ अन्य देशों को भी चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था।

एपी

मनीषा अमित

अमित


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