फ्रांस चुनाव में मैक्रों के मध्यमार्गी गठबंधन के बहुमत बरकरार रखने का अनुमान

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फ्रांस चुनाव में मैक्रों के मध्यमार्गी गठबंधन के बहुमत बरकरार रखने का अनुमान

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  • Publish Date - June 13, 2022 / 12:57 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:06 PM IST

पेरिस, 12 जून (एपी) फ्रांस में पहले दौर के मतदान के बाद देश के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के मध्यमार्गी गठबंधन के संसदीय बहुमत बनाए रखने की संभावना है। रविवार को जारी रुझानों से यह संकेत मिला है।

आंशिक चुनाव परिणाम पर आधारित रुझान के अनुसार, मैक्रों और उनके सहयोगियों को 25 से 26 प्रतिशत मत मिले। हालांकि, धुर-वामपंथी, समाजवादी और ‘ग्रीन पार्टी’ के सहयोगियों से बने नए वामपंथी गठबंधन से मैक्रों के गठबंधन को कड़ी चुनौती मिल रही है, बावजूद इसके राष्ट्रपति की पार्टी के उम्मीदवारों के अधिकतर जिलों में विजयी रहने का अनुमान है।

नेशनल असेंबली की 577 सीटों के लिए हो रहे पहले चरण के चुनाव में छह हजार से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में सबसे अधिक मत हासिल करने वाले उम्मीदवार 19 जून को होने वाले दूसरे दौर में पहुंच जाएंगे, जिसमें हार-जीत का फैसला होगा।

फ्रांस में रविवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान हुआ। इस चुनाव को बहुमत की आस लगाए बैठे राष्ट्रपति मैक्रों के लिए एक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

मई में मैक्रों के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद उनका मध्यमार्गी गठबंधन इस चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करना चाहता है, ताकि वह अपने चुनावी वादों को पूरा कर सके। इन चुनावी वादों में करों में कटौती और सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करना शामिल है।

हालांकि, चुनाव पूर्व सर्वेक्षण बताते हैं कि मैक्रों और उनके सहयोगियों को बहुमत हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।

ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, इस चुनाव में धुर वामपंथी नेता ज्यां-लुस मेलेंकोन के नेतृत्व वाले गठबंधन के 200 से अधिक सीटें जीतने का अनुमान है। हालांकि, उसके भी बहुमत के आंकड़े से थोड़ा पीछे रहने की संभावना है। वहीं, मैक्रों और उनके सहयोगियों को 255 से 300 से अधिक सीट पर जीत मिल सकती है।

मेलेंकोन ने मतदाताओं से अपने गठबंधन को बहुमत दिलाने का आग्रह किया है। उन्हें वैश्वीकरण के विरोधी, फ्रांस को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से बाहर निकालने के हिमायती और यूरोपीय संघ के नियमों की ‘‘अवज्ञा’’ का आह्वान करने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है।

एपी सिम्मी पारुल

पारुल