मार्शल लॉ : पूर्व प्रधानमंत्री हाल को विद्रोह के लिए 23 वर्ष की सजा

मार्शल लॉ : पूर्व प्रधानमंत्री हाल को विद्रोह के लिए 23 वर्ष की सजा

मार्शल लॉ : पूर्व प्रधानमंत्री हाल को विद्रोह के लिए 23 वर्ष की सजा
Modified Date: January 21, 2026 / 02:42 pm IST
Published Date: January 21, 2026 2:42 pm IST

सियोल, 21 जनवरी (एपी) दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि देश के तत्कालीन राष्ट्रपति यून सुक योल द्वारा 2024 में लगाया गया मार्शल लॉ विद्रोह का कृत्य था। अदालत ने इस मामले में भूमिका के लिए देश के पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू को 23 साल की सजा सुनायी।

पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू, यून सरकार के पहले अधिकारी बने जिसे दिसंबर 2024 में राष्ट्रपति यून द्वारा लगाए गए मार्शल लॉ से जुड़े विद्रोह के आरोपों में दोषी ठहराया गया। इस फैसले से राष्ट्रपति यून और उनके अन्य सहयोगियों के खिलाफ आने वाले फैसलों की दिशा तय होने की उम्मीद है। यून भी विद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

यून द्वारा प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए हान दक्षिण कोरिया के दूसरे सबसे बड़े पद पर थे। मार्शल लॉ संकट के दौरान वह तीन कार्यवाहक नेताओं में से एक के रूप में काम कर रहे थे। इसी संकट के कारण राष्ट्रपति यून पर महाभियोग लगा और अंततः उन्हें पद से हटा दिया गया।

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दक्षिण कोरिया में विद्रोह सबसे गंभीर अपराधों में से एक माना जाता है। हाल ही में स्वतंत्र जांच अधिवक्ता ने राष्ट्रपति यून के लिए मृत्युदंड की मांग की है, जिन पर विद्रोह की साजिश रचने का आरोप है। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट 19 फरवरी को राष्ट्रपति यून के खिलाफ विद्रोह के आरोपों पर फैसला सुनाएगा।

एपी अमित मनीषा

मनीषा


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