मीडिया संस्थानों ने अदालती आदेश के बावजूद पत्रकारों पर रोक के मामले में तत्काल सुनवाई का आग्रह किया
मीडिया संस्थानों ने अदालती आदेश के बावजूद पत्रकारों पर रोक के मामले में तत्काल सुनवाई का आग्रह किया
न्यूयॉर्क, 24 सितंबर (एपी) अमेरिका के तीन मीडिया संस्थानों ने अदालत के आदेश के बावजूद उनके पत्रकारों पर व्हाइट हाउस में लगातार प्रतिबंध लागू रहने के मुद्दे पर न्यायाधीश से तत्काल सुनवाई करने का आग्रह किया है।
अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार सुबह तीन समाचार संस्थानों -सीएनएन, एमएस नाऊ और पॉलिटिको- को व्हाइट हाउस में प्रतिबंधित किए जाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी।
हालांकि, तीनों संस्थानों के संवाददाताओं ने कहा कि फैसले के कुछ घंटों बाद भी उनपर रोक लगी हुई थी।
समाचार संस्थानों ने अदालत में अर्जी देकर व्हाइट हाउस परिसर में अपने ऊपर अब भी लगे हुए प्रतिबंध के मुद्दे पर तुरंत सुनवाई का अनुरोध किया।
ट्रंप और उन मीडिया संस्थानों के बीच खींचतान का यह ताजा मामला है, जिनकी कवरेज राष्ट्रपति को पसंद नहीं है।
ट्रंप ने सबसे पहले शुक्रवार को इन संस्थानों पर पाबंदी लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने इनकी खबरों को पहले ‘फर्जी’ कहा और बाद में तर्क दिया कि उनकी रिपोर्टिंग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
खबरिया संस्थानों ने एक संयुक्त मुकदमे में तर्क दिया कि यह प्रतिबंध ‘फर्स्ट अमेंडमेंट’ (संविधान के पहले संशोधन) का खुला उल्लंघन है, क्योंकि उन्हें उनकी कवरेज की विषयवस्तु के कारण निशाना बनाया गया था।
देर रात आए अपने फैसले में, अमेरिकी जिला जज टिमोथी केली ने व्हाइट हाउस को आदेश दिया कि वह तीनों संस्थानों की पहुंच ‘तत्काल बहाल करे’। उन्होंने कहा कि ये संस्थान 14 दिनों के लिए लागू होने वाले अस्थायी रोक आदेश पाने के लिए जरूरी कानूनी शर्तें पूरी करते हैं और उनके यह साबित करने की संभावना है कि उनके प्रेस पास बिना उचित प्रक्रिया के रद्द किए गए थे।
उन्होंने लिखा, ‘‘यह एक कठिन शर्त है, लेकिन वादियों ने इसे पूरा किया है।’’
एपी वैभव सुरेश
सुरेश

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