ईरान-अमेरिका संघर्ष खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए मध्यस्थों के प्रयास जारी

ईरान-अमेरिका संघर्ष खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए मध्यस्थों के प्रयास जारी

ईरान-अमेरिका संघर्ष खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए मध्यस्थों के प्रयास जारी
Modified Date: September 29, 2026 / 12:31 pm IST
Published Date: September 29, 2026 12:31 pm IST

काहिरा, 29 सितंबर (एपी) मध्यस्थ देश ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष खत्म करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि दोनों पक्षों के बीच अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं। क्षेत्रीय और अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पर्दे के पीछे जारी यह अप्रत्यक्ष वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब आठ माह से जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है और ईरान को भी बड़ा झटका लगा है।

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक इस जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के अब तक कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन सभी विफल रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान का शुरुआती प्रस्ताव खारिज किए जाने के बावजूद राजनयिक प्रयास रुके नहीं हैं। ईरान ने प्रस्ताव दिया था कि यदि अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा दे, उसकी जब्त संपत्तियां जारी कर दे और तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंध हटा दे तो वह एक सप्ताह के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल देगा।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के हवाले से सरकारी मीडिया में आई खबर के अनुसार विदेश मंत्री अब्बास अराघची कतर के मध्यस्थों के साथ ताजा घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे।

अराघची पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में वैश्विक नेताओं की बैठक के बाद से न्यूयॉर्क में ही मौजूद हैं।

अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ट्रंप भले ही आक्रामक बयानबाजी कर रहे हों, लेकिन अगर इस संघर्ष का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकल सकता है तो वह उसके लिए तैयार हैं।

हालांकि, अमेरिका के एक अन्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक परमाणु मुद्दे का समाधान नहीं हो जाता, ट्रंप प्रशासन तेहरान के साथ कोई अंतिम समझौता नहीं करेगा।

अधिकारी ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम के संबंध में ठोस प्रगति के बदले ट्रंप ईरान को प्रतिबंधों में राहत देने और कुछ जब्त राशि जारी करने के लिए तैयार हैं। वहीं, ईरान ने परमाणु मुद्दे पर लचीलापन दिखाने के संकेत दिए हैं, लेकिन इस बात को लेकर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद हैं कि पहला कदम कौन उठाएगा और कब उठाएगा।

एपी खारी मनीषा

मनीषा


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