पश्चिम एशिया संकट : 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ को बांट रही इजराइल नीति
पश्चिम एशिया संकट : 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ को बांट रही इजराइल नीति
लक्जमबर्ग, 21 अप्रैल (एपी) हंगरी में एक नए नेता के चुनाव से उत्साहित यूरोप के शीर्ष राजनयिक लक्जमबर्ग में बैठक कर रहे हैं।
इस बैठक का उद्देश्य यूक्रेन युद्ध, रूस के हमलों और आर्थिक अस्थिरता जैसे कई संकटों से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार करना है, क्योंकि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
लेकिन इजराइल के प्रति यूरोपीय संघ की नीति और गाजा तथा वेस्ट बैंक के फलस्तीनी इलाकों तथा लेबनान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर दबाव डालने के मुद्दे को लेकर 27 देशों के इस गुट में मतभेद उभर रहे हैं।
यूरोपीय संघ (ईयू) और इजराइल के बीच 2000 में हस्ताक्षरित एक समझौता है, जो इजराइल के साथ व्यापार और सहयोग को विनियमित करता है। स्पेन, स्लोवेनिया और आयरलैंड ने इस समझौते को पूरी तरह से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा है; हालांकि, इस कदम को संभवतः ईयू देशों के बीच सर्वसम्मत समर्थन प्राप्त नहीं है।
स्पेन के विदेश मंत्री जोस अल्बारेस ने कहा कि केवल व्यापारिक पहलुओं को लक्षित करने वाले आंशिक निलंबन को पर्याप्त राजनीतिक समर्थन मिल सकता है।
उन्होंने कहा, ‘यूरोपीय संघ को आज इजराइल से बहुत स्पष्ट रूप से कहना होगा कि बदलाव की जरूरत है।’
ईयू को ऐसे संकेत मिले हैं कि इजराइल ने गाजा में अपने सैन्य अभियान के दौरान उस समझौते का उल्लंघन किया है।
आयरलैंड की विदेश मंत्री हेलेन मैकंटी ने कहा कि वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों का विस्तार, लेबनान में जारी लड़ाई आदि को देखते हुए ईयू देशों को इजराइल पर दबाव बढ़ाना चाहिए।
एपी
शुभम अविनाश
अविनाश

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