नेपाल सरकार ने ‘राजनीति से प्रेरित’ करीब 1500 नियुक्तियों को रद्द किया : रिपोर्ट

नेपाल सरकार ने ‘राजनीति से प्रेरित’ करीब 1500 नियुक्तियों को रद्द किया : रिपोर्ट

नेपाल सरकार ने ‘राजनीति से प्रेरित’ करीब 1500 नियुक्तियों को रद्द किया : रिपोर्ट
Modified Date: May 3, 2026 / 03:36 pm IST
Published Date: May 3, 2026 3:36 pm IST

काठमांडू, तीन मई (भाषा) नेपाल की नयी सरकार ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के माध्यम से एक व्यापक अध्यादेश जारी कर 1,500 से अधिक प्रमुख सार्वजनिक नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।

स्थानीय मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक, ये नियुक्तियां 26 मार्च से पहले सत्ता परिवर्तन से पहले की गई थीं।

बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने पांच मार्च को हुए चुनावों में देश के पारंपरिक राजनीतिक दलों के खिलाफ भारी विरोध का फायदा उठाते हुए सत्ता हासिल की। यह आम चुनाव सितंबर 2025 में ‘जेनरेशन जेड’ (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों के लिए प्रयुक्त शब्द) विरोध प्रदर्शनों और केपी ओली की सरकार का पतन होने के कुछ महीनों बाद हुआ।

काठमांडू पोस्ट अखबार के मुताबिक, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को मंत्रिमंडल की सिफारिश पर ‘‘सार्वजनिक पद धारकों को हटाने के लिए विशेष प्रावधानों पर अध्यादेश, 2083’’ जारी किया। इस अध्यादेश के प्रभावी होने से नेपाल के प्रशासनिक, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में व्यापक व्यवधान उत्पन्न हो गया है।

खबरों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य पिछली सरकारों द्वारा की गई राजनीतिक रूप से प्रेरित नियुक्तियों को निष्प्रभावी करना है, जिसमें ‘जेन जेड’ आंदोलन के बाद गठित सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा की गई नियुक्ति भी शामिल है।

‘मायरिपब्लिका’ समाचार की खबर के मुताबिक, ‘‘इस अध्यादेश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में 1,594 ‘‘राजनीतिक रूप से नियुक्त’’ पदाधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया, जिससे उनके पद रिक्त हो गए।

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल


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