अचानक आई बाढ़ के आर्थिक प्रभाव का आकलन करने के लिए नेपाल संसदीय समिति का गठन

अचानक आई बाढ़ के आर्थिक प्रभाव का आकलन करने के लिए नेपाल संसदीय समिति का गठन

अचानक आई बाढ़ के आर्थिक प्रभाव का आकलन करने के लिए नेपाल संसदीय समिति का गठन
Modified Date: September 9, 2026 / 04:29 pm IST
Published Date: September 9, 2026 4:29 pm IST

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, नौ सितंबर (भाषा) नेपाल में संसद की सात सदस्यीय उपसमिति का बुधवार को गठन किया गया, जो विनाशकारी रसुवा बाढ़ का देश की अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव का आकलन करेगी और जलवायु वित्त से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

संसद सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधि सभा की वित्त समिति की बैठक में यह उप समिति गठित की गई।

सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की सांसद सुशीला खड़का उपसमिति का समन्वय करेंगी। उपसमिति को 26 अगस्त को आई बाढ़ के देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन और जलवायु वित्त से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है।

वित्त समिति के अध्यक्ष कृष्ण हरि बुधाथोकी ने कहा कि उपसमिति को अध्ययन पूरा करने के बाद 18 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

उपसमिति के अन्य सदस्यों में नेपाली कांग्रेस के नरेंद्र कुमार केरुंग, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (चौम) के परशुराम तमांग, सीपीएन-यूएमएल के पुष्पराज कंडेल तथा आरएसपी के सांसद लीमा अधिकारी, पुष्पा चौधरी और सुशांत वैदिक शामिल हैं।

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन से अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई थी।

हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ का पानी अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।

अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 1,365 लोगों की मौत हुई है और 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।

भाषा शफीक मनीषा

मनीषा


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