नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री देउबा, उनकी पत्नी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री देउबा, उनकी पत्नी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
काठमांडू, 25 मई (भाषा) नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने धन शोधन के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का सोमवार को अंतरिम आदेश जारी किया।
न्यायमूर्ति महेश शर्मा पौडेल और न्यायमूर्ति नित्यानंद पांडे की पीठ ने दंपति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए काठमांडू जिला अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर सवाल उठाया।
काठमांडू जिला अदालत ने छह अप्रैल को देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जो इलाज के लिए 26 फरवरी से विदेश में हैं।
पिछले वर्ष ‘जेन जेड’ समूह के बैनर तले हजारों युवाओं ने आठ और नौ सितंबर को काठमांडू में सरकार विरोधी प्रदर्शन किए थे, जिनमें 76 लोगों की मौत हो गई थी। प्रदर्शन के पहले दिन आठ सितंबर को पुलिस की गोलीबारी में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी।
‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है।
हमले के बाद, प्रदर्शनकारियों द्वारा बड़ी मात्रा में नेपाली मुद्रा और अमेरिकी डॉलर जलाने के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आए थे।
धन शोधन विभाग ने मामले की जांच की और जले हुए नोटों की राख के आधार पर एक फॉरेंसिक रिपोर्ट भी तैयार की।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते समय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे देउबा दंपति को गिरफ्तार न करें। आरजू राणा देउबा नेपाल की विदेश मंत्री रह चुकी हैं।
भाषा आशीष माधव
माधव

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