(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 16 सितंबर (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाकर किए गए कथित ड्रोन हमले की बुधवार को निंदा की।
हालांकि, ईरान समर्थित हूती समूह ने इस आरोप से इनकार किया है।
सऊदी अरब ने दावा किया है कि हूती विद्रोहियों ने मक्का शहर को निशाना बनाकर हमला किया था।
शरीफ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि ‘‘संवाद और कूटनीति ही शांति की दिशा में एकमात्र रास्ता है।’’
सऊदी अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, हूती समूह ने मक्का या किसी भी पवित्र इस्लामी स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है।
यह घटना सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती समूह के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है। हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी क्षेत्र पर हमले किए हैं और लाल सागर तथा उसके आसपास समुद्री यातायात को निशाना बनाने की धमकी दी है।
शरीफ ने एक बयान में कहा, ‘‘मैं मक्का अल-मुकर्रमा के पवित्र स्थल के खिलाफ किए गए इस कायराना और घृणित ड्रोन हमले के प्रयास की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।’’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोग इस कृत्य से ‘‘दुखी और व्यथित’’ हैं।
शरीफ ने कहा कि इस ‘‘निंदनीय और अक्षम्य कृत्य’’ से लोगों को हुई पीड़ा और दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
शरीफ ने ड्रोन को रोकने और नष्ट करने के लिए सऊदी अरब की सेना की ‘‘असाधारण सतर्कता, साहस और पेशेवराना दक्षता’’ की सराहना की।
उन्होंने सभी पक्षों से ‘‘अधिकतम संयम’’ बरतने और तनाव बढ़ने से रोकने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा क्षेत्र पहले ही संघर्ष का बहुत अधिक खामियाजा भुगत चुका है। संवाद और कूटनीति ही शांति की दिशा में एकमात्र रास्ता है।’’
शरीफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए ‘ कंधे से कंधा मिलाकर’’ उसके साथ खड़ा है।
भाषा शफीक मनीषा
मनीषा