पाकिस्तान ने जैश प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम बरकरार रखा

पाकिस्तान ने जैश प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम बरकरार रखा

पाकिस्तान ने जैश प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम बरकरार रखा
Modified Date: September 14, 2026 / 07:29 pm IST
Published Date: September 14, 2026 7:29 pm IST

इस्लामाबाद, 14 सितंबर (भाषा) पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर की गिरफ्तारी में मदद देने वाली जानकारी के लिए 70 लाख रुपये का इनाम बरकरार रखा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अजहर पाकिस्तानी संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) की सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल है।

जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक अजहर भारत में कई आतंकी मामलों में वांछित है, जिनमें 2001 में संसद पर हुआ हमला भी शामिल है। वह उन 20 भगोड़ों में भी शामिल था जिन्हें भारत ने पाकिस्तान से सौंपने को कहा था। भारत ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद यह मांग फिर दोहराई थी।

भारतीय अधिकारियों ने जैश-ए-मोहम्मद का संबंध बाद के कई हमलों से भी जोड़ा है, जिनमें 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा हमला शामिल हैं।

भारत कई सालों से पाकिस्तान पर अजहर को शरण देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि वह भागकर अफ़गानिस्तान चला गया था। हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया है।

एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार अजहर का नाम 2021 में एफआईए की सबसे अधिक वांछित आतंकवादियों की सूची ‘रेड बुक’ में शामिल किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उसका नाम 2026 की ‘रेड बुक’ में भी शामिल किया गया है।

सूची में उसे जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख के तौर पर पहचाना गया है और इसमें प्रविष्टि की तारीख 31 दिसंबर, 2021 दी गई है। इस सूची में अजहर का नंबर 1480 है और इसमें सबसे 1,804 आतंकवादियों के नाम शामिल हैं।

प्रविष्टि में अजहर को स्वस्थ, भारी-भरकम शरीर वाला और मध्यम कद-काठी का बताया गया है। प्रविष्टि में कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान की संघीय/प्रांतीय सरकार मौलाना मसूद अजहर (पिता खुदा बख्श) की गिरफ्तारी या सजा दिलाने में सीधे तौर पर मदद करने वाली जानकारी के लिए 70 लाख रुपये तक का इनाम देगी।’’

ताजा घटनाक्रम वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की अगली पूर्ण बैठक से पहले हुआ है, जिसका आयोजन 26 से 30 अक्टूबर तक पेरिस में होना है।

भाषा अविनाश अमित

अमित


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