अमेरिका-ईरान के बीच समझौता नहीं हो पाने के बाद पाकिस्तान ने राष्ट्रव्यापी मितव्ययता अभियान बढ़ाया
अमेरिका-ईरान के बीच समझौता नहीं हो पाने के बाद पाकिस्तान ने राष्ट्रव्यापी मितव्ययता अभियान बढ़ाया
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 12 मई (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं हो पाने के कारण पैदा हुई अनिश्चितता के मद्देनजर राष्ट्रव्यापी ‘मितव्ययता अभियान’ को 13 जून तक बढ़ा दिया है।
सरकार ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधा को देखते हुए नौ मार्च को बचत के लिए कई कड़े उपायों की घोषणा की थी।
ये किफायत वाले उपाय शुरुआत में केवल दो महीनों के लिए घोषित किए गए थे।
कैबिनेट डिवीजन द्वारा सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के प्रस्ताव को ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ बताकर खारिज किए जाने के बाद इन उपायों को एक महीने से अधिक समय तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
अधिसूचना में कहा गया, ‘प्रधानमंत्री ने ईंधन संरक्षण और अतिरिक्त किफायती उपायों की निगरानी व कार्यान्वयन समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद अतिरिक्त मितव्ययता उपायों की अवधि को तत्काल प्रभाव से 13 जून, 2026 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।’
प्रमुख उपायों के तहत, सरकार ने सरकारी वाहनों के ईंधन भत्ते में 50 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की थी, जिसमें एम्बुलेंस और सार्वजनिक बसों जैसे परिचालन वाहनों को छूट दी गई है।
अन्य कदमों में 60 प्रतिशत सरकारी वाहनों का उपयोग बंद करना और विदेशी यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। केवल उन यात्राओं को छूट दी गई है जिन्हें देश के हितों के लिए अनिवार्य माना गया है।
पाकिस्तान अपनी तेल आपूर्ति के लिए पश्चिम एशिया पर अत्यधिक निर्भर है, और ईरान युद्ध ने देश के प्रमुख आपूर्ति मार्ग को बाधित कर दिया है, जिससे राष्ट्रीय कामकाज सामान्य रूप से संचालित करना असंभव हो गया है।
इन उपायों के बावजूद पाकिस्तान को ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि करनी पड़ी है, जिससे यह पेट्रोलियम उत्पादों के लिए सबसे महंगे देशों में से एक बन गया है।
भाषा सुमित वैभव
वैभव

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