प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे

प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे

प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे
Modified Date: August 30, 2026 / 10:30 pm IST
Published Date: August 30, 2026 10:30 pm IST

बिश्केक, 30 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

किर्गिस्तान की मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष कासिमालिएव आदिलबेक अलेशोविच ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर कलाकारों ने पारंपरिक किर्गिज नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 26वें एससीओ लीडरशिप समिट में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक पहुंच गए हैं। किर्गिज गणराज्य के मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।”

उन्होंने कहा, “एससीओ शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए दस सदस्य देशों, पंद्रह सहयोगी देशों और दो पर्यवेक्षक देशों को एक साथ लाता है।”

एक होटल में पहुंचने पर ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ मोदी का स्वागत किया गया।

उन्होंने ‘मां तुझे सलाम’ की देशभक्तिपूर्ण धुनों पर एक शानदार योग प्रस्तुति भी देखी। होटल पहुंचने पर भगवान शिव पर आधारित एक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति भी की गई।

मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर 31 अगस्त से एक सितंबर तक होने वाले 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक पहुंचे हैं। 10 सदस्यों वाला एससीओ 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है।

चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए।

मोदी के शिखर सम्मेलन से इतर एससीओ के सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की संभावना है, जिनमें किर्गिज राष्ट्रपति झापारोव और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने शनिवार को मध्य एशियाई देशों की यात्रा पर रवाना होते समय कहा था कि वह इस क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं, जो “सुरक्षा, संपर्क और अवसरों” पर आधारित है।

उन्होंने यह भी कहा था कि वह आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खतरे से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए साथी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी तत्पर हैं।

मोदी किर्गिस्तान में छठे विश्व घुमंतू खेल के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस यात्रा से मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी, क्षेत्र के साथ सभ्यतागत संबंध गहरे होंगे और शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के साझा प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

भाषा

प्रशांत दिलीप

दिलीप


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