बिश्केश, एक सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की अपनी दो देशों की यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने कई राष्ट्र प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और बिश्केक में सालाना एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया जहां उन्होंने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने का आह्वान किया।
बिश्केक हवाई अड्डे पर किर्गिज गणराज्य के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने प्रधानमंत्री मोदी को विदा किया।
विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “एक सफल यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिश्केक से भारत के लिए रवाना हुए। किर्गिस्तान के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने प्रधानमंत्री को विदा किया।”
इसमें कहा गया, “इस दौरे में सार्थक बातचीत और ठोस नतीजे देखने को मिले जिससे इस क्षेत्र के साथ भारत के संबंध और मजबूत हुए हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को उज्बेकिस्तान का दौरा शुरू किया था। उज्बेक राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ बातचीत के बाद, दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने और 2030 तक सालाना पांच अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार का लक्ष्य तय करने का फैसला किया।
दोनों पक्षों ने खनन और पर्यटन जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। वे नागरिक-परमाणु ऊर्जा सेक्टर में सहयोग के तहत, उज्बेकिस्तान से भारत को लंबे समय तक यूरेनियम की आपूर्ति के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर सहमत हुए।
रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचने के बाद, मोदी ने कई द्विपक्षीय बैठकें कीं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में, मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को तुरंत खत्म करने का आह्वान किया और कहा कि इस संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान मानवता की साझा प्राथमिकता है।
सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी में आयोजित ‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह में मोदी ने एससीओ के कई नेताओं के साथ हिस्सा लिया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ बैठक में मोदी ने कहा कि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ व्यापार का दायरा बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहता है। साथ ही, उन्होंने बातचीत और कूटनीति के जरिए पश्चिम एशिया के विवाद को सुलझाने का आह्वान किया।
किर्गिज राष्ट्रपति सादिर जापारोव और प्रधानमंत्री मोदी ने एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच पूरकता को ध्यान में रखते हुए आर्थिक और व्यावसायिक सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
मंगलवार को शिखर सम्मेलन में मोदी ने एससीओ से आतंकवाद और उसके वित्तपोषण के पूरे परितंत्र को खत्म करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया और कहा कि इस खतरे से निपटने में दोहरे मापदंडों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।
रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान के प्रतिष्ठित ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ सम्मान से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच “मजबूत” रिश्तों को समर्पित किया।
भाषा प्रशांत नरेश
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