Medical Engineering Student Fee: इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज के छात्रों को तत्काल नहीं देनी होगी फीस! डबल इंजन की सरकार ने छात्रों के हित में लिया बड़ा फैसला

Ads

Medical Engineering Student Fee: इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज के छात्रों को तत्काल नहीं देनी होगी फीस! डबल इंजन की सरकार ने छात्रों के हित में लिया बड़ा फैसला

  •  
  • Publish Date - September 1, 2026 / 01:27 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 01:38 PM IST

Medical Engineering Student Fee: इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज के छात्रों को तत्काल नहीं देनी होगी फीस! डबल इंजन की सरकार ने छात्राके कक हित में लिया बड़ा फैसला / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • SC-ST छात्रों को बड़ी राहत
  • 6 महीने तक फीस की मोहलत
  • छात्रवृत्ति आने तक नहीं रुकेगी पढ़ाई

भुवनेश्वर: Medical Engineering Student Fee इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स को प्रदेश की मोहन चरण मांझी सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने छात्रों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए एडमिशन फीस पर राहत देने का फैसला किया है। सरकार ने कहा हे कि छात्रों को दाखिले के समय तत्काल प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस या अन्य निर्धारित शुल्क जमा नहीं करना होगा। सरकार के इस फैसले से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि सरकार ने ये फैसला सिर्फ एससी-एसटी छात्रों के लिए लिया है।

इंजीनियरिंग और मेडिकल छात्रों को बड़ी राहत

Medical Engineering Student Fee मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने निर्देश दिया है कि आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे पात्र एससी और एसटी छात्रों को आवश्यक धनराशि की तत्काल व्यवस्था किए बिना भी प्रवेश लेने की अनुमति दी जाए। इस फैसले का उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है जो प्रतियोगी परीक्षाएं तो उत्तीर्ण कर लेते हैं, लेकिन प्रवेश शुल्क की व्यवस्था नहीं कर पाने के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।

भाजपा सरकार का छात्रों के हित में बड़ा फैसला

सरकार के अनुसार, ऐसे कई छात्रों को केंद्र और राज्य सरकार की छात्रवृत्ति मिलती है, लेकिन छात्रवृत्ति की राशि मिलने में आमतौर पर तीन से चार महीने का समय लग जाता है। इस दौरान परिवारों के लिए प्रवेश शुल्क जमा करना मुश्किल हो जाता है। नई व्यवस्था के तहत पात्र छात्र बिना फीस जमा किए प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे और अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकेंगे। उन्हें अधिकतम छह महीने तक फीस जमा करने से छूट मिलेगी। छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त होने के बाद वे प्रवेश शुल्क और ट्यूशन फीस का भुगतान कर सकेंगे।

 

सरकार जल्द जारी करेगी निर्देश

मुख्यमंत्री के इस निर्णय से मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक आर्थिक रूप से कमजोर एससी-एसटी छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार जल्द ही इस नई व्यवस्था के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी, जिसमें प्रक्रिया और लागू शर्तों की जानकारी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी योग्य और प्रतिभाशाली छात्र सरकारी पेशेवर कॉलेजों में प्रवेश से वंचित न रहे।

ये भी पढ़ें

ओडिशा में बिना फीस जमा किए एडमिशन की सुविधा किन छात्रों को मिलेगी?

यह सुविधा पात्र एससी और एसटी छात्रों के लिए होगी, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण तत्काल प्रवेश शुल्क जमा नहीं कर पा रहे हैं।

क्या मेडिकल और इंजीनियरिंग दोनों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा?

हां, सरकार का यह फैसला मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेने वाले पात्र एससी-एसटी छात्रों को राहत देने के लिए है।

फीस जमा करने के लिए कितने समय की छूट मिलेगी?

पात्र छात्रों को फीस जमा करने के लिए अधिकतम छह महीने तक की मोहलत मिलने की बात कही गई है।

छात्रवृत्ति मिलने में कितना समय लग सकता है?

सरकार के अनुसार, छात्रवृत्ति की राशि मिलने में आमतौर पर तीन से चार महीने लग सकते हैं।

क्या सरकार ने विस्तृत नियम जारी कर दिए हैं?

अभी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने बाकी हैं। सरकार जल्द ही प्रक्रिया और लागू शर्तों की जानकारी जारी करेगी।