जलवायु परिवर्तन पर नेपाल की चिंताओं को संयुक्त राष्ट्र में उठाएंगे प्रधानमंत्री शाह

जलवायु परिवर्तन पर नेपाल की चिंताओं को संयुक्त राष्ट्र में उठाएंगे प्रधानमंत्री शाह

जलवायु परिवर्तन पर नेपाल की चिंताओं को संयुक्त राष्ट्र में उठाएंगे प्रधानमंत्री शाह
Modified Date: September 5, 2026 / 05:21 pm IST
Published Date: September 5, 2026 5:21 pm IST

(शिरीष बी. प्रधान)

काठमांडू, पांच सितंबर (भाषा) नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह इस महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा करेंगे और संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करेंगे।

इस दौरान वह संभवत: जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाएंगे और विनाशकारी बाढ़ से हुए नुकसान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मुआवजे की मांग करेंगे।

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को चट्टानों के खिसकने और हिमस्खलन के कारण अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के शहरों एवं गांवों में भारी तबाही मचाई थी। इसमें 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई तथा करीब 4,900 लोग अब भी लापता हैं।

संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक वक्ताओं के कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री शाह 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सत्र को संबोधित करेंगे। यह 27 मार्च को पदभार संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा होगी।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। महासभा में नेपाल का पक्ष तय करने के लिए विभिन्न स्तरों पर चर्चा और विचार-विमर्श जारी है।

अधिकारियों के अनुसार, विदेश मंत्रालय इस यात्रा की तैयारियों में जुटा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यात्रा के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर नेपाल और विदेशों के विशेषज्ञों तथा वैज्ञानिकों के साथ चर्चा की है।

ऐसी संभावना है कि नेपाल संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाएगा और इससे हुए नुकसान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मुआवजे की मांग करेगा।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल भी इस उच्चस्तरीय यात्रा पर शाह के साथ जाएंगे।

खनाल ने कुछ दिन पहले नेपाल स्थित विभिन्न देशों के राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधियों के साथ ‘क्लाइमेट जस्टिस’ (जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान और उससे निपटने की जिम्मेदारी को लेकर न्यायसंगत व्यवस्था) के मुद्दे पर व्यापक चर्चा की थी। नेपाल इस मुद्दे को वैश्विक मंच पर उठाने की योजना बना रहा है।

सरकार आपदा से हुए जान-माल के नुकसान का आकलन कर रही है। वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय संयुक्त रूप से एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसमें नुकसान का तथ्यात्मक आकलन किया जाएगा।

महासभा की आयोजन समिति के अनुसार, आठ से 28 सितंबर तक आयोजित होने वाले उद्घाटन एवं अन्य सत्रों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस 22 से 26 सितंबर तक चलेगी।

भाषा सिम्मी अविनाश

अविनाश


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