नेपाल त्रासदी : जल विद्युत परियोजना की सुरंग से एक चीनी नागरिक को बचाया गया

नेपाल त्रासदी : जल विद्युत परियोजना की सुरंग से एक चीनी नागरिक को बचाया गया

नेपाल त्रासदी : जल विद्युत परियोजना की सुरंग से एक चीनी नागरिक को बचाया गया
Modified Date: September 5, 2026 / 03:27 pm IST
Published Date: September 5, 2026 3:27 pm IST

(शिरिष बी प्रधान)

काठमांडू, पांच सितंबर (भाषा) नेपाल अचानक आई बाढ़ की घटना के 11 दिन के बाद शनिवार को रसुवा जिले में एक जल विद्युत परियोजना की सुरंग से एक चीनी नागरिक को बचाया गया। नेपाल की सेना ने यह जानकारी दी।

बचाए गए चीनी नागरिक की पहचान लुहाइताओ के तौर पर की गई है और वह बाढ़ से प्रभावित ऊपरी त्रिशूली-एक जलविद्युत परियोजना की ऑडिट सुरंग-चार में बाढ़ के बाद फंस गया था।

नेपाल की सेना ने शनिवार को बचाव अभियान के बाद कहा, ‘‘सेना और विदेशी बचावकर्मियों की एक संयुक्त टीम ने ‘ऊपरी त्रिशूली-1 जल विद्युत परियोजना’ की एक सुरंग के अंदर से लुहाइताओ नाम के एक चीनी नागरिक को बाहर निकाला है।’’

उसने कहा, ‘‘लुहाइताओ को सुरंग में लगभग 225 मीटर अंदर से बचाया गया। अभी उसके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है, जबकि खोज और बचाव अभियान जारी है।’’

नेपाल की सेना ने बताया कि लुहाइताओ को शनिवार स्थानीय समयानुसार अपराह्न डेढ़ बजे नुवाकोट जिले में उस जगह से बचाया गया।

ताजा बचाव अभियान के साथ, त्रिशूली जलविद्युत परियोजना से जिंदा निकाले गए कर्मचारियों की कुल संख्या तीन हो गई है। शुक्रवार को त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग से नेपाल के दो कर्मचारियों को बचाया गया था।

अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को बचाए गए कर्मचारियों की पहचान 45 वर्षीय कबीर महर्जन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में की गई है।

नेपाल की सेना के जनसंपर्क निदेशालय के अनुसार, महर्जन इस परियोजना पर मैकेनिकल पर्यवेक्षक के तौर पर काम कर रहे थे, जबकि साह ‘फोरमैन’ थे।

नेपाल की सेना के नेतृत्व में सुरक्षा कमान विशेष उपकरणों का इस्तेमाल करके खोज और बचाव अभियान चला रहा है।

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमनद और चट्टानों के टूटने से अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जिसमें 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 4,900 लोग अब भी लापता हैं।

अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में लगभग 12 जल विद्युत परियोजनाओं के कम से कम 900 कर्मचारी लापता हैं, जिनमें से लगभग 500 के सुरंगों के भीतर फंसे होने की आशंका है।

भाषा धीरज खारी

खारी


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