पोप ने चिकित्सकीय निगरानी में ‘इच्छा मृत्यु’ को कानूनी मान्यता देने की निंदा की

पोप ने चिकित्सकीय निगरानी में ‘इच्छा मृत्यु’ को कानूनी मान्यता देने की निंदा की

पोप ने चिकित्सकीय निगरानी में ‘इच्छा मृत्यु’ को कानूनी मान्यता देने की निंदा की
Modified Date: September 28, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: September 28, 2026 4:54 pm IST

लूर्डेस (फ्रांस), 28 सितंबर (एपी) पोप लियो-14 ने चिकित्सकीय निगरानी में ‘इच्छा मृत्यु’ को कानूनी मान्यता दिए जाने की निंदा करते हुए रविवार को इसे ‘‘झूठी दया’’ और अनैतिक करार दिया।

चमत्कारिक उपचार के लिए प्रसिद्ध फ्रांस के तीर्थस्थल लूर्डेस की यात्रा के दौरान पोप लियो ने जीवन के महत्व को लेकर कैथोलिक चर्च की शिक्षाओं को दोहराते हुए यह बात कही।

पोप लियो ने फ्रांस की यात्रा के तीसरे दिन एक बार फिर चिकित्सकीय निगरानी में ‘इच्छा मृत्यु’ के अधिकार को लेकर जारी बहस पर अपनी राय रखी। यह मुद्दा उनके मूल देश अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

फ्रांस में भी इस मुद्दे को लेकर वर्षों तक राजनीतिक बहस होती रही। इसके बाद हाल में सांसदों ने लाइलाज बीमारियों से पीड़ित वयस्कों को चिकित्सकीय निगरानी में जीवन समाप्त करने के लिए दवा उपलब्ध कराने की अनुमति देने वाले कानून को मंजूरी दी।

पोप लियो ने रविवार को पादरियों के यौन शोषण के शिकार हुए सात पीड़ितों से भी मुलाकात की। पीड़ित ज्यां-मैरी डेलबोस ने बाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह असाधारण था।’’

वह चार अन्य पीड़ितों के साथ संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए और उन्होंने पोप लियो के साथ हुई मुलाकात की सराहना की। उन्होंने कहा कि पोप ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और उनके मामलों की जानकारी ली।

डेलबोस ने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मेरे सामने पोप होंगे।’’

एपी खारी मनीषा

मनीषा


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