UP International Trade Show 2026: “निवेशकों के बीच भरोसे से बना उत्तर प्रदेश का क्रेडिट.. PM मोदी के मार्गदर्शन और CM योगी के नेतृत्व में बदली प्रदेश की औद्योगिक पहचान’ : मंत्री नंदी

ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने निवेशकों के बीच भरोसा संवाद, सुविधा और निरंतर सहयोग से बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को उद्योग स्थापित होने तक हैंडहोल्डिंग उपलब्ध कराएगी।

UP International Trade Show 2026: “निवेशकों के बीच भरोसे से बना उत्तर प्रदेश का क्रेडिट.. PM मोदी के मार्गदर्शन और CM योगी के नेतृत्व में बदली प्रदेश की औद्योगिक पहचान’ : मंत्री नंदी

UP International Trade Show 2026 || Image- CM YOGI Twitter File

Modified Date: September 28, 2026 / 05:22 pm IST
Published Date: September 28, 2026 4:45 pm IST
HIGHLIGHTS
  • निवेशकों का भरोसा संवाद और सहयोग से बढ़ा
  • उद्योग लगने तक निवेशकों को हैंडहोल्डिंग
  • डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के नए अवसर

UP International Trade Show 2026: ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि प्रदेश ने निवेशकों के बीच संवाद, सुविधाओं और लगातार सहयोग के जरिए भरोसा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में ऐसा औद्योगिक माहौल तैयार किया जा रहा है, जिसमें निवेशकों को केवल निवेश के लिए आमंत्रित नहीं किया जाता, बल्कि उद्योग स्थापित होने तक जरूरी सहयोग और हैंडहोल्डिंग भी दी जाती है।

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ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे दिन उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के ‘फ्रॉम योर फैक्ट्री टू द फ्रंट लाइन’ नॉलेज सेशन को संबोधित करते हुए नंदी ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों और प्रमुख शहरों में किए गए रोड शो तथा निवेशकों के साथ लगातार संवाद का असर अब दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में विभिन्न देशों की भागीदारी प्रदेश के प्रति बढ़ते संवाद और भरोसे को दर्शाती है।

मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़ और आगरा समेत छह नोड में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं, लगभग 1,142 हेक्टेयर जमीन विभिन्न उद्योगों को आवंटित की जा चुकी है।

उद्योग लगने तक निवेशक के साथ खड़ी रहेगी सरकार

UP International Trade Show 2026: नंदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिसमें निवेशकों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। निवेशक की जरूरतों को समझकर संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केवल जमीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। निवेशकों को नीति, कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचे, टेस्टिंग, तकनीकी सुविधाओं और जरूरी अनुमतियों में भी सहयोग मिलना चाहिए।

डिफेंस सप्लाई चेन में एमएसएमई और स्टार्टअप के अवसर

नंदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में केवल टैंक, मिसाइल और विमान बनाने वाली कंपनियों के लिए ही अवसर नहीं हैं। प्रिसीजन कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, सेंसर, बैटरी, विशेष केबल, सॉफ्टवेयर, तकनीकी टेक्सटाइल, एडवांस मटेरियल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी उद्योग रक्षा सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड में रक्षा विनिर्माण का इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसका लाभ बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी मिल सकता है।

कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और भरोसा जरूरी

UP International Trade Show 2026: मंत्री ने कहा कि निवेश के लिए कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और भरोसा महत्वपूर्ण हैं। बेहतर एक्सप्रेसवे, परिवहन नेटवर्क, एयर कनेक्टिविटी और औद्योगिक आधारभूत ढांचे से प्रदेश में कारोबार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के साथ सहयोग और साझेदारी के आधार पर काम कर रही है।

रक्षा सप्लाई चेन में हर उद्योग के लिए अवसर

यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सीजीएम रिटायर्ड कर्नल संजय सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र के अवसर बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं हैं। प्रिसीजन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर, बैटरी, विशेष केबल, सॉफ्टवेयर, एडवांस मटेरियल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े उद्योग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

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UP International Trade Show 2026: उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र की मांग सशस्त्र बलों की निर्धारित जरूरतों पर आधारित होती है। ऐसे में स्वदेशी निर्माण के लिए बाजार की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने उद्योगों से अपनी मौजूदा क्षमता का आकलन कर रक्षा क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप अवसर तलाशने का आह्वान किया।

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