सुधार आधारित निवेश के माहौल ने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में मदद की: राजनयिक माथुर

सुधार आधारित निवेश के माहौल ने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में मदद की: राजनयिक माथुर

सुधार आधारित निवेश के माहौल ने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में मदद की: राजनयिक माथुर
Modified Date: January 23, 2026 / 02:03 pm IST
Published Date: January 23, 2026 2:03 pm IST

बीजिंग, 23 जनवरी (भाषा) शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने शुक्रवार को कहा कि नीतियों के स्थिर माहौल और अनुमान योग्य, सुधार आधारित निवेश के माहौल ने हाल के दिनों में भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरने में मदद की है।

महावाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर कहा कि शंघाई इंटरनेशनल बिजनेस कोऑपरेशन फोरम के 11वें संस्करण में माथुर ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों को वैश्विक रैंकिंग में नई दिल्ली के शीर्ष क्रम पर आने के जरूरी कारक के तौर पर परिभाषित किया।

माथुर ने आगामी एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी के बारे में विस्तार से बात की, जिसकी मेजबानी भारत 19-20 फरवरी को करेगा और इसमें ‘जन (पीपुल), पृथ्वी (प्लेनेट) और प्रगति (प्रोग्रेस)’ के सिद्धांतों पर ध्यान दिया जाएगा।

माथुर ने भारत की वैश्विक दक्षिणोन्मुखी, जन केंद्रित और समावेशी नीतियों, मसलन ‘भाषिणी’ के बारे में भी बात की, जिसने एक लाख से अधिक स्टार्टअप के साथ दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप तंत्र को बढ़ावा देने की देश की क्षमता को बढ़ाया है।

सरकार का ‘भाषिणी’ एआई मंच एक सुरक्षित ‘क्लाउड’ माहौल में टेक्स्ट, नंबर, आवाज, तस्वीर और वीडियो का अनुवाद करने की सुविधा देता है।

महावाणिज्य दूत ने कहा कि इस प्रक्रिया में, भारत ने फिनटेक, डीप-टेक, ग्रीन टेक्नोलॉजी और दूसरे नए और उभरते क्षेत्रों में यूनिकॉर्न की तरक्की भी सुनिश्चित की।

माथुर ने एक प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया जिसमें 400-500 निवेशक और साझेदार शामिल थे। उन्होंने इस सत्र में विनिर्माण, संपर्क, कराधान और कॉर्पोरेट शासन जैसे कई क्षेत्रों में भारत में किए जा रहे प्रणालीगत सुधारों पर बात की।

उन्होंने कई क्षेत्रों में शत प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने वाले उदार एफडीआई नियमों के बारे में भी बात की।

उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे लिए रुचि के मुख्य क्षेत्रों में मजबूत आपूर्ति शृंखला बनाना शामिल है, जो आत्मनिर्भर भारत बनाने में मदद करेगा और विकसित भारत के हमारे सपने को पूरा करने में प्रगति सुनिश्चित करेगा।’’

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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