अमीर देशों, टीका विकसित करने वाली फर्मों को द्विपक्षीय सौदे नहीं करने चाहिए: डब्ल्यूएचओ

अमीर देशों, टीका विकसित करने वाली फर्मों को द्विपक्षीय सौदे नहीं करने चाहिए: डब्ल्यूएचओ

अमीर देशों, टीका विकसित करने वाली फर्मों को द्विपक्षीय सौदे नहीं करने चाहिए: डब्ल्यूएचओ
Modified Date: November 29, 2022 / 08:33 pm IST
Published Date: January 8, 2021 7:57 pm IST

जिनेवा, आठ जनवरी (एपी) विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कोविड-19 टीके बनाने वाली कंपनियों और धनी देशों से अपील की कि वे ‘द्विपक्षीय सौदे करना बंद करें’।

उसने कहा कि वे टीके तक सबकी पहुंच को सुनिश्चित करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयास को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि अब तक 42 देशों ने इसके टीके लगाने शुरू किए हैं, जिनमें ज्यादातर उच्च-आय वाले देश और कुछ मध्यम-आय वाले देश शामिल हैं।

उन्होंने उन देशों से आह्वान किया, जिनके पास अधिक मात्रा में टीके उपलब्ध हैं कि उन्हें ‘कोवैक्स फैसिलिटी’ के लिए टीके उपलब्ध कराने चाहिए, जो संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक परियोजना है।

जिनेवा में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘ हम दोनों उच्च और मध्यम आय वाले देशों को भी देख रहे हैं जो कोवैक्स का हिस्सा हैं, जो अतिरिक्त द्विपक्षीय सौदे कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि इससे संभावित रूप से सभी के लिए टीके की कीमत बढ़ जाएगी और इसका मतलब है कि सबसे गरीब और सबसे पिछड़े देशों में लोगों को टीका नहीं लगेंगे।’

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने कहा, ‘मैं इन देशों और निर्माताओं से द्विपक्षीय सौदे नहीं करने का आग्रह करता हूं।’

एपी कृष्ण सिम्मी

सिम्मी


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