नेपाल चुनाव में आरएसपी ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर, बालेन शाह के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना

Ads

नेपाल चुनाव में आरएसपी ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर, बालेन शाह के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना

  •  
  • Publish Date - March 8, 2026 / 09:17 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 09:17 PM IST

(शिरीष प्रधान)

काठमांडू, आठ मार्च (भाषा) नेपाल में रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) रविवार को आम चुनाव में शानदार जीत की ओर अग्रसर है जिसमें पारंपरिक पार्टियों को करारी हार का सामना करना पड़ा।

नेपाल के निर्वाचन आयोग (ईसी) के अनुसार, वर्ष 2022 में गठित आरएसपी ने उन 165 सीट में से 120 सीट पर पहले ही जीत हासिल कर ली है जिनके लिए प्रत्यक्ष मतदान प्रक्रिया के तहत निर्वाचन किया जाता है। जबकि प्रतिनिधि सभा के चुनाव में पार्टी छह अन्य सीट पर आगे है।

शाम साढ़े पांच बजे तक निर्वाचन आयोग द्वारा 165 सीट में से 156 सीट के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं।

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि केवल नौ सीट के परिणाम घोषित किए जाने बाकी हैं और यह प्रक्रिया रविवार देर रात या सोमवार सुबह तक पूरी हो सकती है।

बृहस्पतिवार को मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू हो गई और शनिवार को परिणाम घोषित होने शुरू हो गए, जिनमें से एक प्रमुख परिणाम यह था कि प्रधानमंत्री पद के लिए आरएसपी के उम्मीदवार बालेन (35) ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल की सबसे बड़ी पार्टियों में से एक – सीपीएन-यूएमएल – के अध्यक्ष और चार बार के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोट के भारी अंतर से हराया।

बालेन का नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है। वहीं, इस चुनाव में आरएसपी की जीत देश में स्थापित दलों को जनता द्वारा नकारे जाने को दर्शाती है।

बालेन हिमालयी देश के पहले मधेसी प्रधानमंत्री होंगे और साथ ही नेपाल के संसदीय इतिहास में सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले सबसे युवा व्यक्ति भी होंगे।

नेपाली कांग्रेस (एनसी) 17 सीट जीतकर दूसरे स्थान पर है, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की सीपीएन-(यूएमएल) को सिर्फ सात सीट मिली हैं और वह तीन सीट पर आगे है।

निर्वाचन आयोग के आंकड़े के अनुसार, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) ने सात सीट, श्रम संस्कृति पार्टी ने तीन सीट और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने एक सीट जीती है। जीतने वालों में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल है।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, रवि लामिछाने द्वारा स्थापित आरएसपी ने काठमांडू घाटी के तीन जिलों के सभी 15 निर्वाचन क्षेत्रों में अन्य पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया है।

पुरानी पार्टियां उन मतदाताओं को भरोसे में लेने में नाकाम रहीं जिनके लिए भ्रष्टाचार से लड़ाई, भाई-भतीजावाद का अंत और देश की राजनीतिक नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव प्रमुख मुद्दे थे।

आरएसपी नेता इंदिरा राना मगर ने भंग की गई प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष और सीपीएन-यूएमएल के वरिष्ठ नेता देव राज घिमिरे को हराकर झापा-2 से जीत हासिल की।

राना मगर ने घिमिरे के खिलाफ 48,742 वोट के भारी अंतर से जीत हासिल की जबकि घिमिरे को 11,368 वोट मिले।

नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा (49) धनुषा-4 निर्वाचन क्षेत्र से आरएसपी के अमरेश सिंह से हार गए। पार्टी ने थापा को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, सिंह को 33,688 वोट मिले जबकि थापा को 22,831 वोट मिले।

नेपाली कांग्रेस के महासचिव गुरु राज घिमिरे, शेखर कोइराला और बिमलेंद्र निधि सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा।

सीपीएन-यूएमएल के महासचिव शंकर पोखरेल समेत पार्टी के दस पदाधिकारी भी चुनाव हार गए।

हार का मुंह देखने वाले सीपीएन-यूएमएल के अन्य नेताओं में उपाध्यक्ष बिष्णु पौडेल, पृथ्वी सुब्बा गुरुंग और गोकर्ण बिस्ता, उप महासचिव रघुबीर महासेठ व सचिव शेरधन राय, महेश बस्नेत, राजन भट्टराई एवं भानुभक्त ढकाल शामिल हैं।

श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हरका राय ने आरएसपी उम्मीदवार गोमा तमांग को हराकर सुनसारी-1 से जीत हासिल की।

आरएसपी अध्यक्ष लामिछाने ने चितवन-2 निर्वाचन क्षेत्र से भारी अंतर से जीत हासिल की, यह उनकी लगातार तीसरी जीत है। उन्होंने 54,402 वोट प्राप्त किए जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी, एनसी की मीना कुमारी खरेल को 14,564 वोट मिले।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, पुष्प कमल दाहाल प्रचंड रुकुम पूर्व में जीत गए हैं। उन्होंने 10,240 वोट हासिल किए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी सीपीएन (यूएमएल) के लीलामणि गौतम को 3,462 वोट मिले।

आरपीपी के ज्ञानेंद्र शाही ने करनाली प्रांत के जुमला निर्वाचन क्षेत्र से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, एनसीपी के नरेश भंडारी को हराकर जीत हासिल की और राजशाही समर्थक पार्टी के एकमात्र उम्मीदवार बन गए जिन्होंने प्रतिनिधि सभा में सीट हासिल की।

इस चुनाव में 10 महिला उम्मीदवार विजयी हुईं – नौ आरएसपी से और एक एनसी से।

भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है। वह राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नेपाल की जनता और सरकार को चुनाव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अपने नेपाली बहनों और भाइयों को इतने जोश के साथ अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते देखकर खुशी महसूस हो रही है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक गौरवपूर्ण क्षण है।’’

नेपाल में पांच मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा के चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ था।

संसद के 275 सदस्यों में से 165 का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान द्वारा हो रहा है, जबकि शेष 110 का चुनाव आनुपातिक विधि द्वारा होगा।

नेपाल में 5 मार्च को हुए आम चुनाव में चुनाव लड़ने वाले तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों में से केवल पुष्पकमल दहाल ‘प्रचंड’ ही हिमालयी देश में आरएसपी की लहर के बीच अपनी सीट जीतने में कामयाब रहे।

भाषा अमित नरेश

नरेश