Reported By: Sakshi Tripathi
,Bhopal Remarriage News | Photo Credit: AI
भोपाल: Bhopal Remarriage News रिश्तों की बदलती तस्वीरों के बीच मध्य प्रदेश से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने इंसानियत और पारिवारिक मूल्यों की नई मिसाल पेश की है। उज्जैन के जैथल गांव के रहने वाले दिनेश बेरागी ने अपने बेटे की मौत के बाद अपनी बहू प्रियंका को अकेला नहीं छोड़ा। उन्होंने उसे बहू नहीं, अपनी बेटी का दर्जा दिया और पूरे रीति-रिवाज के साथ उसका कन्यादान कर नई जिंदगी की शुरुआत कराई।
Bhopal Remarriage News जानकारी के अनुसार, प्रियंका की शादी वर्ष 2018 में कपिल से हुई थी। कुछ साल बाद कपिल कैंसर की चपेट में आ गए और लंबे इलाज के बावजूद वर्ष 2023 में उनका निधन हो गया। बेटे को खोने का दुख परिवार पर पहाड़ बनकर टूटा, लेकिन दिनेश बेरागी ने यह तय किया कि उनकी बहू का जीवन यहीं नहीं रुकेगा। करीब दो वर्षों तक उन्होंने प्रियंका के लिए योग्य वर की तलाश की। आखिरकार विदिशा निवासी गोविंद से रिश्ता तय हुआ। भोपाल में आयोजित विवाह समारोह में लगभग 350 मेहमानों की मौजूदगी में पूरे वैदिक रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई।
इस दौरान दिनेश बेरागी ने स्वयं पिता बनकर प्रियंका का कन्यादान किया और शादी का पूरा खर्च भी उठाया। प्रियंका के पिता रामबाबू भी इस भावुक पल में अपने समधी की सराहना करते नहीं थके। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि कोई ससुर अपनी बहू को बेटी का सम्मान देकर इतनी गरिमा के साथ विदा करेगा। आज जब रिश्तों के मायने अक्सर स्वार्थ से जुड़ते दिखाई देते हैं, तब यह कहानी समाज को यह संदेश देती है कि खून से नहीं, बल्कि अपनापन, विश्वास और संवेदनाएं ही रिश्तों को सबसे मजबूत बनाती हैं। यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि इंसानियत और रिश्तों की खूबसूरत मिसाल है।