हवाना, 31 मार्च (एपी) रूसी जहाज अनातोली कोलोदकिन मंगलवार को 730,000 बैरल तेल लेकर क्यूबा के मटांजास बंदरगाह पहुंचा। यह तीन महीनों में पहली बार है जब कोई तेल टैंकर द्वीप पर पहुंचा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ऊर्जा से जुड़ी अपनी नाकेबंदी के जारी रहने के बावजूद इस खेप को आगे बढ़ने की अनुमति दी थी।
ऊर्जा एवं खान मंत्री विसेंट डे ला ओ लेवी समेत क्यूबावासियों ने जहाज के आगमन पर खुशी जतायी। पेट्रोलियम की कमी ने एक गंभीर आर्थिक संकट को और भी बदतर बना दिया है, जिसके चलते लोगों को बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है और भोजन और दवाइयों की भारी कमी हो गई है।
विसेंट डे ला ओ लेवी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हमें मिल रहे समर्थन के लिए हम रूस सरकार और वहां की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह एक मूल्यवान खेप है जो हमारे सामने मौजूद जटिल ऊर्जा संकट के बीच पहुंची है।”
क्यूबा अपनी आवश्यक ईंधन आवश्यकताओं का मुश्किल से 40 प्रतिशत ही उत्पादन करता है और अपने ऊर्जा जरूरत को बनाए रखने के लिए आयात पर निर्भर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अनुमानित खेप से लगभग 180,000 बैरल डीजल का उत्पादन हो सकता है, जो क्यूबा की नौ या दस दिनों की दैनिक मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
एपी अमित पवनेश
पवनेश