दलाई लामा के बाद भी तिब्बत के प्रति अमेरिकी समर्थन सुनिश्चित करने के लिए सीनेट में विधेयक पेश

दलाई लामा के बाद भी तिब्बत के प्रति अमेरिकी समर्थन सुनिश्चित करने के लिए सीनेट में विधेयक पेश

दलाई लामा के बाद भी तिब्बत के प्रति अमेरिकी समर्थन सुनिश्चित करने के लिए सीनेट में विधेयक पेश
Modified Date: August 12, 2026 / 10:18 am IST
Published Date: August 12, 2026 10:18 am IST

वाशिंगटन, 12 अगस्त (भाषा) अमेरिका की सीनेट के सदस्य के एक द्विदलीय समूह ने 14वें दलाई लामा के जीवनकाल के बाद भी तिब्बत के मुद्दे के प्रति अमेरिकी समर्थन जारी रखना सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक पेश किया है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एवं ओरेगन से सीनेटर जेफ मर्कले और इडाहो से सीनेटर जिम रिश (रिपब्लिकन पार्टी) ने हाल में अमेरिकी सीनेट में ‘अश्योरिंग द फ्यूचर ऑफ तिब्बत एक्ट’ (तिब्बत का भविष्य सुनिश्चित रखने संबंधी विधेयक- एएफटीए) पेश किया।

विधेयक में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) को तिब्बती लोगों के वैध प्रतिनिधि और दलाई लामा द्वारा स्थापित शासन व्यवस्था की निरंतरता के रूप में मान्यता देने की बात कही गई है।

इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री को निर्वासित तिब्बती सरकार के राजनीतिक प्रमुख सिक्योंग और उसके नामित प्रतिनिधियों के साथ उच्चतम स्तर पर संपर्क बनाए रखने का निर्देश देने का भी प्रावधान है।

विधेयक में संयुक्त राष्ट्र में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन को पर्यवेक्षक का दर्जा दिलाने और संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न संस्थाओं में उसकी समान पहुंच सुनिश्चित करने की पैरवी के जरिए तिब्बती लोगों के मानवाधिकारों और आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करने की भी बात कही गई है।

सीनेटर टिम केन, टॉड यंग, जैकी रोजेन और रिक स्कॉट भी इस विधेयक के सह-प्रायोजक हैं।

यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में सांसद जिम मैकगवर्न और माइकल मैककॉल द्वारा 22 मई 2026 को पेश किए गए इसी तरह के विधेयक का सीनेट संस्करण है।

भाषा

सिम्मी धीरज

धीरज


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