टीका लगवाने के बाद खून के थक्के जमने से सात की मौत, एस्ट्राजेनेका का टीका सुरक्षित: ब्रिटेन नियामक

टीका लगवाने के बाद खून के थक्के जमने से सात की मौत, एस्ट्राजेनेका का टीका सुरक्षित: ब्रिटेन नियामक

टीका लगवाने के बाद खून के थक्के जमने से सात की मौत, एस्ट्राजेनेका का टीका सुरक्षित: ब्रिटेन नियामक
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: April 3, 2021 1:04 pm IST

अदिति खन्ना

लंदन, तीन अप्रैल (भाषा) ब्रिटेन के औषधि नियामक ने पुष्टि की है कि ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका का कोविड रोधी टीका लगवाने वालों में से सात लोगों की खून का थक्का जमने से मौत हुई है, हालांकि साथ ही उसने स्पष्ट किया कि किसी खतरे की तुलना में टीके के फायदे अधिक हैं।

औषधि एवं स्वास्थ्य देखभाल उत्पाद नियामक एजेंसी (एमएचआरए) ने इस हफ्ते कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण कार्यक्रम पर अपनी ताजा ‘येलो कार्ड’ निगरानी पर कहा कि ब्रिटेन में 1.81 करोड़ लोगों ने ऑक्सफोर्ड का कोविड-19 का टीका लगवाया है, जिनमें 24 मार्च तक 30 लोगों में खून के थक्के विकसित हुए और सात लोगों की मौत हुई।

एमएचआरए के अधिकारियों ने सलाह दी है कि इस टीके का इस्तेमाल जारी रखना चाहिए क्योंकि टीके के खतरों की तुलना में फायदे अधिक हैं।

उसने कहा, “ हमारी चल रही समीक्षा के आधार पर, कोविड-19 के विरूद्ध टीके के फायदे किसी भी खतरे से अधिक हैं और जब आपको टीका लगवाने के लिए बुलाया जाए तो आप इसे लगवाएं।”

नियामक ने कहा कि इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि क्या खून के थक्के जमने का कोई संबंध है या ये मामले सिर्फ एक संयोग हैं।

उसने कहा कि अबतक सामने आई संदिग्ध प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की संख्या और प्रकृति, नियमित तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य तरीके के टीकों की तुलना में असामान्य नहीं हैं। दोनों टीकों को लेकर अबतक का सुरक्षा अनुभव क्लिनिकल परीक्षणों के मुताबिक है।

एमएचआरए ने कहा कि उसे फाइजर-बायोएनटेक के टीके के संबंध में थून के थक्के जमने की रिपोर्ट नहीं मिली हैं।

यूरोप में ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका का टीका लगवाने वाले कुछ लोगों में खून के थक्के जमने के मामले सामने आए थे जिसके बाद चिंता जाहिर की गई थी। जर्मनी जैसे कुछ देशों ने कुछ आयु वर्ग के लोगों से कहा था कि वे इस टीके को न लगवाएं। वहीं यूरोपीय औषधि निगरानी संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन, दोनों ने ही कहा है कि यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है।

आज की तारीख तक ब्रिटेन में 31,301,267 ने टीके की पहली खुराक ले ली है जबकि 4,948,635 लोग टीके की दोनों खुराकें ले चुके हैं।

भाषा

नोमान पवनेश

पवनेश


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