अमेरिका में सिख व्यक्ति का अपहरण कर हत्या, अधिकारियों ने कहा कि ‘इरादतन निशाना नहीं था’

अमेरिका में सिख व्यक्ति का अपहरण कर हत्या, अधिकारियों ने कहा कि ‘इरादतन निशाना नहीं था’

अमेरिका में सिख व्यक्ति का अपहरण कर हत्या, अधिकारियों ने कहा कि ‘इरादतन निशाना नहीं था’
Modified Date: February 25, 2026 / 12:09 pm IST
Published Date: February 25, 2026 12:09 pm IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 25 फरवरी (भाषा) अमेरिका में 57 वर्षीय एक सिख व्यक्ति का अपहरण किए जाने के कुछ दिन बाद उसका शव बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि उस व्यक्ति को ‘‘इरादतन निशाना’’ नहीं बनाया गया।

अवतार सिंह 17 फरवरी को रात करीब नौ बजे कैलिफोर्निया के ट्रेसी शहर से लापता बताए गए थे।

जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में एक सफेद एसयूवी और गहरे रंग के कपड़े पहने तीन अज्ञात व्यक्तियों को सिंह के साथ दोपहर करीब ढाई बजे देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, ऐसा लगा कि सिंह अपनी मर्जी के विरुद्ध वाहन में बैठे।

सैन जोआक्विन काउंटी शेरिफ कार्यालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि 20 फरवरी को दोपहर करीब तीन बजकर 20 मिनट पर नापा काउंटी के शेरिफ कार्यालय ने लेक बेरीएसा के पास एक शव बरामद किया, जो लापता व्यक्ति के विवरण से मेल खाता था।

अधिकारियों ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और इस “भयावह कृत्य” के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने का प्रयास जारी है।

शेरिफ कार्यालय ने कहा, “वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह एक अलग-थलग घटना प्रतीत होती है और समुदाय के लिए किसी खतरे की जानकारी नहीं है।”

समाचार पोर्टल केसीआरए डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, सैन जोआक्विन काउंटी के शेरिफ पैट्रिक विद्रो ने कहा कि इस मामले में आरोपियों का इरादा सिंह का अपहरण करना और उनकी हत्या करना नहीं था।

विद्रो ने कहा कि अपहरणकर्ता किसी अन्य व्यक्ति पर किसी विशेष कारण से निशाना साध रहे थे और “उम्मीद है कि वह कारण सामने आएगा।” हालांकि उन्होंने कहा कि जांच के हित में अपहरणकर्ताओं या उनके संभावित मकसद से संबंधित जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

रिपोर्ट के अनुसार, सिंह एक स्थानीय गुरद्वारे में स्वयंसेवक के रूप में कार्यरत थे और वहीं परिसर में अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों के साथ रहते थे।

समुदाय के सदस्य दीप सिंह के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, “वह बहुत ईमानदार और मेहनती थे। 23 वर्षों तक गुरुद्वारे में उनकी मुख्य भूमिका मुख्य रसोइए की रही, लेकिन वह केवल रसोइया नहीं थे, बल्कि कई तरह के कार्य करने वाले व्यक्ति थे।”

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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