लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर छात्रों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया

लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर छात्रों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया

लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर छात्रों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया
Modified Date: March 3, 2026 / 07:33 pm IST
Published Date: March 3, 2026 7:33 pm IST

(एम जुल्करनैन)

लाहौर/कराची, तीन मार्च (भाषा) पाकिस्तानी छात्रों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इजराइल-अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो जाने और कराची में अमेरिकी सेना द्वारा एक दर्जन प्रदर्शनकारियों की हत्या के विरोध में मंगलवार को लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर महिलाकर्मियों सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने वाणिज्य दूतावास की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर अवरोधक लगा दिए हैं।

प्रगतिशील छात्रों के प्रतिनिधियों और ‘औरत मार्च’ के प्रदर्शनकारियों ने ईरान पर हमला करने तथा उसके सर्वोच्च नेता की हत्या के विरोध में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए।

उन्होंने नारे लगाए, ‘‘अमेरिका का जो यार है, गद्दार है गद्दार है।’’

उन्होंने कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों पर अमेरिकी मरीन द्वारा की गई गोलीबारी की भी निंदा की, जिसमें एक दर्जन लोग मारे गए थे।

प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान से अमेरिकी राजदूत को तत्काल निष्कासित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च नेता की हत्या पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए एक क्षति है। उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र गलती ईरान में सत्ता परिवर्तन से इनकार करना था।

प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तत्काल संघर्षविराम की भी मांग की।

अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में हुए प्रदर्शनों में 20 से अधिक लोग मारे गए हैं।

पाकिस्तान की मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन (एमडब्ल्यूएम) के प्रमुख और सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने दावा किया कि ईरानी सर्वोच्च नेता की हत्या के विरोध में कानून लागू करने वालों के साथ हुई झड़पों में देश में कम से कम 34 लोग मारे गए।

अब्बास ने कहा, ‘‘रविवार को कराची में 18 लोग मारे गए और 40 से अधिक घायल हुए। इस्लामाबाद में चार लोगों की जान चली गई और दर्जनों घायल हुए। स्कार्दू और गिलगित, प्रत्येक शहर में छह लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए। लाहौर में भी कार्रवाई के दौरान दर्जनों लोग घायल हुए।’’

कराची में 18 लोगों की हत्या के लिए अमेरिकी मरीन की कड़ी निंदा करते हुए, सीनेट में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर अमेरिकी मरीन की गोलीबारी अत्यंत निंदनीय है।’’

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप


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