भारत में शिखर सम्मेलन एआई के पूर्ण लाभों को प्राप्त करने का ‘अहम अवसर’: ब्रिटेन के उपप्रधानमंत्री

भारत में शिखर सम्मेलन एआई के पूर्ण लाभों को प्राप्त करने का ‘अहम अवसर’: ब्रिटेन के उपप्रधानमंत्री

भारत में शिखर सम्मेलन एआई के पूर्ण लाभों को प्राप्त करने का ‘अहम अवसर’: ब्रिटेन के उपप्रधानमंत्री
Modified Date: February 16, 2026 / 09:27 am IST
Published Date: February 16, 2026 9:27 am IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 16 फरवरी (भाषा) ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि सोमवार से भारत में शुरू होने जा रहे ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में ब्रिटेन का ध्यान इस बात पर रहेगा कि कृत्रिम मेधा (एआई) किस प्रकार विकास को गति दे सकती है, नए रोजगार सृजित कर सकती है, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार कर सकती है और किस प्रकार दुनिया भर के लोगों को लाभ पहुंचा सकती है।

उपप्रधानमंत्री डेविड लैमी और एआई मंत्री कनिष्क नारायण के नेतृत्व में ब्रिटेन का प्रतिनिधिमंडल इस बात पर प्रकाश डालने के लिए उत्सुक है कि एआई दुनिया के हर कोने में रोजमर्रा की जिंदगी को कैसे बेहतर बना सकता है और एक नवीनीकरण इंजन के रूप में यह किस तरह डॉक्टरों को तेजी से निदान करने, शिक्षकों को व्यक्तिगत शिक्षण प्रदान करने, परिषदों को मिनटों में सेवाएं प्रदान करने और व्यवसायों को अगली पीढ़ी के अच्छे रोजगार सृजित करने में मदद कर सकता है।

लैमी ने शिखर सम्मेलन से पहले जारी एक बयान में कहा, ‘‘ यह शिखर सम्मेलन यह निर्धारित करने का एक महत्वपूर्ण क्षण है कि हम एआई के पूर्ण लाभों और क्षमता को उजागर करने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर कैसे काम कर सकते हैं…।’’

विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसआईटी) ने कहा कि भारत और ब्रिटेन ‘‘स्वाभाविक प्रौद्योगिकी साझेदार’ हैं, और इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) तथा विप्रो जैसी दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनियां ब्रिटेनभर में अपना विस्तार कर रही हैं।

वेल्स से भारतीय मूल के पहले सांसद नारायण ने कहा, ‘‘एआई हमारी पीढ़ी की निर्णायक तकनीक है और हम यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं कि यह सभी के लिए लाभदायक हो।’’

एआई मंत्री ने कहा कि ब्रिटेन ‘‘अग्रणी भूमिका निभा रहा है, एआई के लिए एक वैश्विक दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है जो दुनिया भर के लोगों को अधिक सीखने, अधिक कमाने और अपनी शर्तों पर भविष्य को आकार देने में मदद करता है’’।

दिल्ली के अलावा, नारायण बेंगलुरु की यात्रा भी करेंगे ताकि यह देखा जा सके कि भारत और ब्रिटेन अभूतपूर्व प्रौद्योगिकी के लाभ प्राप्त करने के लिए किस प्रकार मिलकर काम कर रहे हैं।

भाषा शोभना नेत्रपाल

नेत्रपाल


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