प.एशिया में तनाव : ईरान ने युवाओं से बिजली संयंत्र बचाने की अपील की, सऊदी अरब ने पुल बंद किया

प.एशिया में तनाव : ईरान ने युवाओं से बिजली संयंत्र बचाने की अपील की, सऊदी अरब ने पुल बंद किया

प.एशिया में तनाव : ईरान ने युवाओं से बिजली संयंत्र बचाने की अपील की, सऊदी अरब ने पुल बंद किया
Modified Date: April 7, 2026 / 12:38 pm IST
Published Date: April 7, 2026 12:38 pm IST

दुबई, सात अप्रैल (एपी) सऊदी अरब ने उसके तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद बहरीन से जोड़ने वाले एकमात्र सड़क मार्ग को मंगलवार को बंद कर दिया।

वहीं, ईरानी अधिकारियों ने युवाओं से बिजली संयंत्रों की सुरक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाने की अपील की, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई समयसीमा नजदीक आ रही है, जिसमें ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की मांग की गई है।

ट्रंप ने धमकी दी है कि यदि ईरान मंगलवार रात आठ बजे तक इस रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बहाल नहीं करता, तो वह ईरान के सभी बिजली संयंत्रों और पुलों पर बमबारी करेंगे।

ट्रंप ने कहा, ‘‘पूरे देश को एक रात में खत्म किया जा सकता है।’’

इजराइल की सेना ने फारसी भाषा में ईरानियों को दिनभर ट्रेनों से दूर रहने की चेतावनी दी, जो संभवतः रेल नेटवर्क पर हमलों का संकेत था।

चेतावनी में कहा गया है, ‘‘आपकी मौजूदगी आपके जीवन को खतरे में डालती है।’’

ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद इस जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही रोक दी थी, जिससे युद्ध शुरू हुआ। सोमवार को तेहरान ने 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि वह युद्ध का स्थायी अंत चाहता है।

मंगलवार तड़के तेहरान ने सऊदी अरब पर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें बीच हवा में ही रोक दिया गया, लेकिन उनका मलबा ऊर्जा प्रतिष्ठानों के पास गिरा। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालकी ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

इस बीच, सऊदी अरब ने ‘किंग फहद कॉजवे’ को बंद करने की घोषणा की, जो सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाला 25 किलोमीटर लंबा एकमात्र सड़क मार्ग है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है।

अन्य स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने तेहरान पर नए हमलों की सूचना दी, जिसकी जिम्मेदारी बाद में इजराइल ने ली। ईरान ने भी इजराइल पर मिसाइलें दागीं।

ईरान द्वारा खाड़ी के अरब देशों की ऊर्जा संरचनाओं पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी पकड़ के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।

घरेलू दबाव के बीच ट्रंप ने ईरान से जलमार्ग खोलने की मांग दोहराई है, अन्यथा बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट करने की चेतावनी दी है। नागरिक ढांचे पर हमले की इस धमकी ने संभावित युद्ध अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने ट्रंप से ऐसा कदम न उठाने की अपील करते हुए कहा कि ‘‘ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि यह संघर्ष और न बढ़े।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पुलों और नागरिक ढांचे पर बमबारी जैसे कदम अस्वीकार्य होंगे।’’

ईरान ने इसके जवाब में युवाओं, खिलाड़ियों, कलाकारों और छात्रों से बिजली संयंत्रों के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाने का आह्वान किया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिक ढांचे पर हमले प्रतिबंधित हैं। हालांकि ट्रंप ने कहा कि उन्हें ऐसे हमलों को लेकर युद्ध अपराध की चिंता ‘‘बिल्कुल नहीं’’ है।

हमले की धमकी की समयसीमा नजदीक आने के बावजूद कूटनीतिक समाधान के प्रयास जारी हैं। हालांकि ईरान ने अमेरिका के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, लेकिन वार्ता अब भी जारी है।

ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन सरकार ने कई दिनों से मृतकों की संख्या के बारे में कोई नवीनतम जानकारी नहीं दी है।

एपी गोला मनीषा

मनीषा


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