हेगसेथ के मीडिया प्रतिबंध को लेकर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने दूसरी बार पेंटागन के खिलाफ मुकदमा दायर किया
हेगसेथ के मीडिया प्रतिबंध को लेकर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने दूसरी बार पेंटागन के खिलाफ मुकदमा दायर किया
वाशिंगटन, 19 मई (एपी) अमेरिकी दैनिक अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने सोमवार को पांच महीनों में दूसरी बार अमेरिकी रक्षा विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर किया और दलील दी कि रक्षा विभाग के मुख्यालय ‘पेंटागन’ परिसर में पत्रकारों के लिए अधिकारियों की निगरानी (एस्कॉर्ट) में रिपोर्टिंग अनिवार्य करने की नीति प्रेस की स्वतंत्रता से संबंधित अमेरिकी संविधान के ‘फर्स्ट अमेंडमेंट’ का उल्लंघन है।
समाचार पत्र के प्रवक्ता चार्ली स्टैडलैंडर ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को भेजे एक ईमेल में कहा कि एस्कॉर्ट नीति ‘‘सैन्य मामलों पर स्वतंत्र रिपोर्टिंग रोकने की पेंटागन की असंवैधानिक कोशिश’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं, अमेरिकी नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि उनकी सरकार कैसे काम कर रही है और सेना जनता के लिए तथा उनके कर के पैसे से क्या कदम उठा रही है।’’
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने टाइम्स के इस नए मुकदमे को ‘‘गोपनीय जानकारी तक पहुंच बनाने के लिए उठाया गया कदम’’ करार दिया।
टाइम्स की यह याचिका अमेरिकी मीडिया और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बीच लगातार बढ़ते टकराव की एक और कड़ी मानी जा रही है। यह संघर्ष कभी सार्वजनिक मंचों पर तो कभी अदालतों में खुलकर सामने आता रहा है।
अखबार ने कहा कि उसने यह मुकदमा दिसंबर में पेंटागन पर पहली बार दायर किए गए मुकदमे के बाद दायर किया, जो रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा लगाए गए नए नियमों को चुनौती देने के लिए थी। यह चुनौती एक अंतरिम नीति के खिलाफ थी, ‘‘जिसे पेंटागन ने जल्दबाज़ी में उस समय लागू किया था जब एक संघीय न्यायाधीश ने मूल मुकदमे में द टाइम्स के पक्ष में फैसला दिया था।’’
इस नयी नीति के तहत पेंटागन परिसर में मौजूद रहने के दौरान पत्रकारों के साथ हर समय एस्कॉर्ट रखना अनिवार्य कर दिया गया।
यह नीति मार्च में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज पॉल एल. फ्रीडमैन के उस फैसले के बाद लागू की गई, जिसमें उन्होंने मीडिया की पहुंच पर लगाई गई पूर्व पाबंदियों को रद्द करते हुए कहा था कि ये टाइम्स के संवाददाता जूलियन ई. बार्न्स और अखबार के अधिकारों का हनन करती हैं।
अगले महीने न्यायाधीश ने यह भी कहा कि अंतरिम नीति उनके मार्च के आदेश का उल्लंघन है। हालांकि, सरकार की अपील के दौरान अपीलीय अदालत ने जज फ्रीडमैन के फैसले के एक हिस्से पर रोक लगा दी, जिसके कारण एस्कॉर्ट नीति प्रभावी बनी रही।
एपी खारी शोभना
शोभना

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