बांग्लादेश में एक हिंदू व्यापारी की हत्या के सिलसिले में तीन गिरफ्तार
बांग्लादेश में एक हिंदू व्यापारी की हत्या के सिलसिले में तीन गिरफ्तार
ढाका, चार जनवरी (भाषा) बांग्लादेश के शरीयतपुर जिले में एक हिंदू व्यवसायी पर धारदार हथियार से हमला करने और जलाकर मार डालने के मामले में रविवार को तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय मीडिया की खबर में यह जानकारी दी गई है।
ढाका से लगभग 100 किलोमीटर दूर शरीयतपुर जिले के दामुड्या में केउरभांगा बाजार के पास बुधवार रात को 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर हमला किया गया था। शनिवार को उनकी मृत्यु हो गई।
‘प्रथम आलो’ अखबार ने कहा कि रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) की एक टीम ने रविवार सुबह ढाका से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में किशोरगंज से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान दामुड्या के सोहाग खान (27), रब्बी मोल्या (21) और पलाश सरदार (25) के रूप में हुई है।
आरएबी मदारिपुर कैंप कंपनी कमांडर पुलिस अधीक्षक मीर मुनीर हुसैन ने ‘प्रथम आलो’ को बताया कि आरोपियों को किशोरगंज से मदारिपुर कैंप लाया जा रहा है।
मदारिपुर, शरीयतपुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है।
मीडिया में बृहस्पतिवार को आई खबरों में कहा गया था कि दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का व्यवसाय करने वाले दास एक ऑटो-रिक्शा से यात्रा कर रहे थे, तभी हमलावरों ने वाहन को रोका और उनकी कथित तौर पर पिटाई की, धारदार हथियारों से हमला किया और फिर उनके सिर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
पुलिस ने बताया कि खुद को बचाने की कोशिश में दास सड़क किनारे एक तालाब में कूद गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने शोर मचाया। हमलावर मौके से फरार हो गए।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें तालाब से निकाला और शरीयतपुर सदर अस्पताल ले गए, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ढाका के लिए रेफर कर दिया गया।
ढाका के चिकित्सकों ने कहा कि दास के शरीर पर कई चोटें आई थीं, जिसमें पेट पर गंभीर घाव के साथ-साथ चेहरे, सिर और हाथों पर जलने के निशान थे।
समाचार पोर्टल ‘बीडी न्यूज़24’ ने रविवार को बताया कि शरीयतपुर की पुलिस अधीक्षक रौनक जहां ने कहा कि पीड़ित ने मृत्यु से पहले आरोपियों के नाम बताए थे।
शनिवार को दास की मृत्यु के बाद बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता काजल देवनाथ ने कहा कि दिसंबर से अब तक हिंदू समुदाय के पांचवें व्यक्ति की मौत है और बांग्लादेश में कट्टरपंथी समूह स्पष्ट रूप से अल्पसंख्यक धर्मों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
भाषा
नोमान संतोष
संतोष

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