बीजिंग, 26 अगस्त (भाषा) नेपाल से लगे चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में अचानक आई बाढ़ के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 265 अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं।
चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा के पास के गांवों और कस्बों में आई अचानक बाढ़ के बाद लापता लोगों की खोज और बचाव के लिए हर संभव प्रयास करने का आदेश दिया है। बाढ़ से जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।
तेज गति से मलबा बहकर आने से चीन की तरफ बंदरगाह तक जाने वाली सड़कें कट गई हैं, साथ ही संचार और बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है।
राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन संबंधित बिजली कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, जो आपदा प्रभावित इलाके में बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई है।
चीन के दक्षिण-पश्चिम तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में ग्यिरोंग सीमा बंदरगाह पर नेपाल की तरफ से कीचड़ और मलबा आने से हुए नुकसान के बाद चीनी अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात आठ बजे (स्थानीय समय) तक तीन लोगों की मौत हो गई और 265 अन्य लापता हैं।
समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने बताया कि स्थानीय प्रशासन उस आपदा प्रभावित क्षेत्र में कर्मियों को भेज रहा है, जहां संचार व्यवस्था बाधित हो गई है।
खबर के अनुसार, उत्तरी नेपाल में जिरोंग-रसुवा सीमा क्षेत्र में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने आपात प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय कर दिया।
दूतावास ने प्रभावित क्षेत्र में चीनी नागरिकों और कंपनियों की स्थिति का जायजा लिया तथा नेपाल सरकार एवं संबंधित एजेंसियों से बचाव अभियान चलाने का आग्रह किया।
खबर में बताया गया कि दूतावास ने नेपाल में रह रहे चीन के नागरिकों और संस्थानों के लिए नया सुरक्षा परामर्श भी जारी किया है।
भाषा सुभाष सिम्मी
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