हमारे तीन जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया, ‘संबंधित पक्षों’ को धन्यवाद: चीन

हमारे तीन जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया, 'संबंधित पक्षों' को धन्यवाद: चीन

हमारे तीन जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया, ‘संबंधित पक्षों’ को धन्यवाद: चीन
Modified Date: March 31, 2026 / 07:33 pm IST
Published Date: March 31, 2026 7:33 pm IST

(केजेएम वर्मा)

बीजिंग, 31 मार्च (भाषा) चीन ने मंगलवार को कहा कि तेल लेकर आ रहे उसके तीन जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और उसने इसकी सुविधा और समन्वय के लिए संबंधित पक्षों को धन्यवाद दिया।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां एक प्रेसवार्ता में ईरान का नाम लिए बिना कहा कि संबंधित पक्षों के समन्वय के बाद हाल ही में तीन चीनी जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम संबंधित पक्षों की सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।’’

ईरान वर्तमान में खाड़ी से जलडमरूमध्य पार करने वाले तेल के जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है।

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग कर रहा है।

माओ ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास का जलक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय माल और ऊर्जा व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने कहा कि चीन खाड़ी में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए शत्रुता तत्काल समाप्त करने का आह्वान करता है।

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन वर्षों से ईरानी तेल का एक बड़ा आयातक रहा है। चीन ने अपने जहाजों के होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के बारे में पहली बार बात की। ऐसी खबरें हैं कि ईरान घनिष्ठ रणनीतिक संबंधों को देखते हुए चीनी जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने दे रहा है।

इसी से संबंधित एक घटनाक्रम में, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से ईरान की स्थिति पर बातचीत की।

चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार वांग चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य भी हैं। वह डार के साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे जो दोनों देशों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

इससे पहले, माओ ने कहा था कि पश्चिम एशिया युद्ध का मुद्दा डार और वांग की बैठक में उठेगा।

उम्मीद है कि डार, वांग को तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के साथ हुई उन चर्चाओं की जानकारी देंगे, जिनका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए वार्ता को बढ़ावा देना था।

डार की यात्रा पर माओ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित सर्वकालिक रणनीतिक सहयोगी साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश समान दृष्टिकोण रखते हैं और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर घनिष्ठ संवाद बनाए रखते हैं।

माना जाता है कि दोनों देशों के विदेश मंत्री ईरान की स्थिति और आपसी हित के अन्य अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर रणनीतिक संचार और समन्वय को बढ़ाएंगे, संयुक्त रूप से शांति और न्यायपूर्ण रुख की अपील करेंगे और संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए नये प्रयास करेंगे।

अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से, चीन सभी देशों से सैन्य अभियान तुरंत रोकने का आह्वान कर रहा है। चीन होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का भी आह्वान कर रहा है, क्योंकि इसके बंद होने से ईंधन आपूर्ति में व्यापक व्यवधान उत्पन्न हुआ है।

ईरान पर हुए हमलों की निंदा करते हुए, चीन 14-15 मई को होने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा की तैयारी भी कर रहा है, जिस दौरान दोनों देशों के बीच एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिये जाने की उम्मीदें बहुत अधिक हैं।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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