यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान भारत के साथ संबंधों को ‘झटका’ लगा:बांग्लादेश के अधिकारी

यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान भारत के साथ संबंधों को 'झटका' लगा:बांग्लादेश के अधिकारी

यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान भारत के साथ संबंधों को ‘झटका’ लगा:बांग्लादेश के अधिकारी
Modified Date: February 5, 2026 / 09:19 pm IST
Published Date: February 5, 2026 9:19 pm IST

ढाका, पांच फरवरी (भाषा) बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने बृहस्पतिवार को स्वीकार किया कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान भारत के साथ संबंधों को ‘‘झटका’’ लगा, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सप्ताह होने वाले आम चुनावों के बाद नयी सरकार के तहत संबंधों को बहाल किया जा सकता है।

हुसैन ने आम चुनावों से हफ्ते भर पहले प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘अंतरिम सरकार के दौरान संबंधों को कुछ झटका लगा, लेकिन वे (संबंध) महत्वपूर्ण बने रहे।’’

अगस्त 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद यह पहला चुनाव होगा।

भारत में उप-उच्चायुक्त के रूप में सेवा दे चुके हुसैन ने उम्मीद जताई कि चुनावों के बाद नयी सरकार कुछ रास्ते ढूंढकर संबंधों को पटरी पर ला सकेगी।

बांग्लादेश में, 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान हसीना को प्रधानमंत्री पद से अपदस्थ कर दिया गया था। उसके बाद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार गठित हुई थी। तब से, हसीना (78) भारत में रह रही हैं।

यह पूछे जाने पर कि यदि भारत हसीना को वापस भेजने से इनकार करता रहा तो क्या अगली सरकार नयी दिल्ली के साथ संबंध फिर से स्थापित कर पाएगी, इसपर हुसैन ने कहा, ‘‘निराशावादी नहीं बनिए।’’

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश


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