शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने टीकों की वैश्विक आपूर्ति एवं वितरण सुनिश्चित करने के लिए बाइडन को लिखा पत्र

शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने टीकों की वैश्विक आपूर्ति एवं वितरण सुनिश्चित करने के लिए बाइडन को लिखा पत्र

शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने टीकों की वैश्विक आपूर्ति एवं वितरण सुनिश्चित करने के लिए बाइडन को लिखा पत्र
Modified Date: November 29, 2022 / 07:46 pm IST
Published Date: February 4, 2022 10:48 am IST

(ललित के. झा)

वाशिंगटन, चार फरवरी (भाषा) अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने राष्ट्रपति जो बाइडन को कोविड-19 रोधी टीकों की वैश्विक आपूर्ति एवं वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक पत्र लिखा है।

चार शीर्ष अमेरिकी सांसदों द्वारा लिखे पत्र में कहा गया, ‘‘ वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कई जरूरतों को रेखांकित किया है, जहां जीवन बचाने और कोविड-19 के प्रसार को धीमा करने की दिशा में अमेरिकी नेतृत्व की प्रभावी भूमिका हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि देशों को टीकों के प्रबंधन एवं वितरण में मदद करना जारी रखें….’’

यह पत्र सांसद बारबरा ली, प्रभावशाली ‘कांग्रेशनल एशियन अमेरिकन पैसिफिक कॉकस’ की अध्यक्ष जूडी चू, ‘कांग्रेशनल हिस्पैनिक कॉकस’ के अध्यक्ष राउल रुइज और ‘कांग्रेशनल ब्लैक कॉकस’ की अध्यक्ष जॉयसे बीटी ने लिखा है। यह पत्र 23 जनवरी को लिख गया था।

पत्र में इन सांसदों ने बाइडन प्रशासन से वैश्विक महामारी से निपटने के लिए वैश्विक आपूर्ति तथा टीकों के निर्माण के साथ-साथ चिकित्सकीय साजो सामान में निवेश करने का आग्रह भी किया।

गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने एक अभियान के तहत भारत और अमेरिका के बीच मजबूत स्वास्थ्य सेवा साझेदारी और अफ्रीका और लातिन अमेरिका सहित कई जगह सस्ते टीके अथवा दवाएं मुहैया कराने के लिए भारत-अमेरिका सहयोग की संभावना पर जोर दिया था।

संधू ने इन तीनों कॉकस के प्रमुखों से बात की थी, जिन्होंने वैश्विक कल्याण के लिए भारत के साथ सहयोग पर समर्थन जताया था। कॉकस के अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों ने भी भारत के प्रति समर्थन व्यक्त किया है।

इससे पहले, ‘कांग्रेशनल ब्लैक कॉकस’ ने कोविड-19 संकट से निपटने के वैश्विक प्रयासों में मदद करने और कम से कम 38 देशों को 80 लाख से अधिक टीके देने के लिए भारत की सराहना की थी।

‘कांग्रेशनल ब्लैक कॉकस’ की अध्यक्ष जॉयसे बीटी ने संधू को लिखे एक पत्र में कहा था, ‘‘मैं आपकी सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करती हूं, क्योंकि उसने कम से कम 38 देशों को 80 लाख से अधिक टीके निस्वार्थ भाव से भेजे।’’

भाषा निहारिका शोभना

शोभना


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