ट्रंप और पुतिन की चीन यात्रा, दोनों नेताओं ने बीजिंग के साथ अपने अलग-अलग संबंधों को प्रदर्शित किया
ट्रंप और पुतिन की चीन यात्रा, दोनों नेताओं ने बीजिंग के साथ अपने अलग-अलग संबंधों को प्रदर्शित किया
बीजिंग, 21 मई (एपी) चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप और रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन के साथ हाल में हुई शिखर बैठकें काफी हद तक एक जैसी दिखीं, जिनमें तियानमेन चौराहे पर औपचारिक रुप से हाथ मिलाना, गुलदस्ते लहराते बच्चों द्वारा उत्साहपूर्ण अभिवादन करना और सैन्य टुकड़ियों का मार्च शामिल था।
इन यात्राओं से भी यह भी सामने आया कि कैसे अमेरिका और रूस के साथ चीन के रिश्ते अलग-अलग हैं।
ट्रंप की यात्रा के दौरान, चीन ने अमेरिका के साथ संबंधों को स्थिर करने की कोशिश की, जबकि रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा ने रूस एवं चीन के बीच रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने का काम किया।
शी ने ट्रंप की यात्रा के दौरान औपचारिक आतिथ्य सत्कार पर जोर दिया, जिसमें झोंगनानहाई का दौरा भी शामिल था। यह पूर्व शाही उद्यान है लेकिन अब चीन सरकार का मुख्यालय है।
‘ग्रेटर चाइना प्रैक्टिस फोर द एशिया ग्रुप’ से संबद्ध जार्ज चेन ने कहा, ‘‘शी जानते हैं कि ट्रंप के लिए यही मायने रखता है। वीआईपी जैसा व्यवहार किया जाना, कैमरों के सामने सम्मान पाना।’’
चेन ने कहा कि पुतिन के साथ शी ने संबंधों की गहराई पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैत्री संधि की पुष्टि करना, नये ऊर्जा समझौतों पर हस्ताक्षर करना और अपनी असीमित साझेदारी पर फिर से जोर देना।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति तीन दिन चीन में रहे, जबकि पुतिन ने दो दिवसीय यात्रा की।
दोनों ने तियानमेन चौक के पास स्थित ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शी के साथ अकेले में बैठकें भी कीं।
हालांकि, ट्रंप की यात्रा में कोई सार्वजनिक समझौता-हस्ताक्षर समारोह शामिल नहीं था, पुतिन और शी की भेंटवार्ता में द्विपक्षीय समझौतों एवं समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए।
ट्रंप ने ‘टेंपल ऑफ हेवन’ का व्यक्तिगत दौरा भी किया और झोंगनानहाई के शाही उद्यानों में सैर की।
इसके विपरीत, पुतिन ने शी के साथ अपना अधिकांश समय ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ के अंदर बिताया।
पिछले सप्ताह की यात्रा राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप की चीन की दूसरी यात्रा थी। पुतिन के लिए चीन की उनकी यह 25वीं यात्रा थी।
दोनों शिखर सम्मेलनों के बीच मुख्य अंतर उनके संदेशों में था।
ट्रंप के साथ बातचीत में शी ने दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच महीनों के तनाव और व्यापार युद्ध के बाद अपेक्षाकृत स्थिर संबंध बनाए रखने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया।
पुतिन के साथ, शी ने एक दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत और प्रगाढ़ करने की कोशिश की, जो दोनों देशों के लिए रणनीतिक और आर्थिक, दोनों रूप से महत्वपूर्ण है।
एपी
राजकुमार सुभाष
सुभाष

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