ट्रंप ने ईरान को एक सख्त और नयी धमकी दी
ट्रंप ने ईरान को एक सख्त और नयी धमकी दी
वाशिंगटन, पांच अप्रैल (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान और उसके बुनियादी ढांचे पर हमले तेज करने की नयी और अपशब्दों से भरी धमकियां दीं। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान उनकी ओर से तय समय सीमा तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है तो उसपर हमले तेज कर दिए जाएंगे।
यह धमकी अमेरिकी सेना द्वारा उस पायलट को बचाने के बाद दी गई जिसका विमान ईरान द्वारा मार गिराया गया था। अमेरिका का यह विमान दुश्मन के क्षेत्र में गिरा था।
ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य खोले या फिर विनाशकारी परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ‘‘याद है जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दस दिन का समय दिया था?’’
उन्होंने कहा, ‘‘समय तेजी से बीत रहा है – 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा।’’
ईरान ने अड़ियल रवैया अपनाते हुए पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है और खाड़ी के अरब देशों के बुनियादी ढांचे पर हमले किए तथा बचाव अभियान के बारे में अमेरिकी बयान को चुनौती दी।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख जनरल अली अब्दुल्ला अलीबादी ने ट्रंप की हालिया धमकी के जवाब में कहा, ‘‘यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, तो दुश्मनों के लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।’’
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की धमकी दी और कहा कि अगर मंगलवार तक वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग, जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए नहीं खोला गया, तो देश ‘नर्क में धकेल दिया जाएगा’।
ट्रंप ने पहले भी ऐसी समयसीमाएं जारी की थीं, लेकिन मध्यस्थों द्वारा युद्ध समाप्त करने की दिशा में प्रगति का दावा करने पर उन्होंने इसे आगे बढ़ा दिया। इस युद्ध में महज पांच हफ्तों में हज़ारों लोग मारे गए हैं, वैश्विक बाजार डांवाडोल है, प्रमुख समुद्री मार्ग ठप हो गए हैं और ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं।
दोनों पक्षों ने धमकी देने के साथ तेल क्षेत्रों और पेयजल के लिए महत्वपूर्ण जल शोधन संयंत्रों जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे संभावित युद्ध अपराधों की चेतावनी दी गई है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल की प्रमुख एग्नेस कैलामार्ड ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘ईरानी नागरिक बिजली संयंत्रों और पुलों के विनाश से सबसे पहले पीड़ित होंगे।’’
उन्होंने ट्रंप की धमकी को ‘घृणित’ बताया।
शुक्रवार को एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद चलाए गए गहन खोज अभियान के बाद अमेरिकी पायलट को बचाया गया, जबकि ईरान ने किसी भी ऐसे व्यक्ति को इनाम देने का वादा किया था जो किसी ‘शत्रु पायलट’ के बारे में जानकारी दे।
अमेरिकी विमान के चालक दल का सदस्य शुक्रवार को तब लापता हो गया था जब ईरान ने अमेरिकी एफ-15 ई स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया था। चालक दल के एक अन्य सदस्य को पहले ही बचा लिया गया था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि पायलट घायल है, लेकिन ‘‘वह बिल्कुल ठीक हो जाएगा।’’ उन्होंने यह भी कहा कि उसने ‘‘ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में शरण ली थी।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, बचाव अभियान में ‘‘दर्जनों विमान’’ शामिल थे और अमेरिका उसकी ‘लोकेशन’ पर ‘‘24 घंटे नजर रखे हुए था तथा उसके बचाव की सावधानीपूर्वक योजना बना रहा था।’’
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पायलट का पता लगाने से पहले, सीआईए ने ईरान के भीतर यह खबर फैलाई कि अमेरिकी सेना ने उसे ढूंढ लिया है और उसे सड़क मार्ग से निकाल रहे हैं, जिससे ईरानी अधिकारी भ्रमित हो गए। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी।
यह लड़ाकू विमान 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरानी क्षेत्र में गिरने वाला पहला अमेरिकी विमान था।
ईरान ने एक और अमेरिकी सैन्य विमान को भी मार गिराया था, जिससे बमबारी अभियान के खतरे और ईरान की कमजोर सैन्य शक्ति की जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता दोनों का प्रदर्शन हुआ। अमेरिकी ए-10 लड़ाकू विमान के पायलट की स्थिति और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का स्थान दोनों ही अज्ञात है।
ट्रंप द्वारा तय की गई समयसीमा अंतरराष्ट्रीय समय (जीएमटी) के अनुसार मंगलवार तड़के एक बजे की है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की बढ़ती पकड़ को लेकर बढ़ती चिंता पर केंद्रित है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी से यूरोप और एशिया तक तेल और गैस की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। मानवीय सहायता सामग्री पहुंचाने के लिए भी यह महत्वपूर्ण है। कुछ जहाजों ने ईरान को मार्ग के लिए भुगतान किया है।
ओमान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान और ओमान के उपविदेश मंत्रियों और विशेषज्ञों ने जलडमरूमध्य से सुगम पारगमन सुनिश्चित करने के प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। ओमान अक्सर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है।
मिस्र ने कहा कि विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ मध्यस्थता में मदद कर रहे तुर्किये और पाकिस्तानी समकक्षों से फोन पर बात की है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने अराघची को बताया कि इस्लामाबाद ‘तनाव कम करने के उद्देश्य से किए गए सभी प्रयासों’ का समर्थन करता है। इस्लामाबाद ने कहा है कि वह जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करेगा।
हालांकि, तनाव बढ़ने की स्थिति में यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोही स्वेज नहर से आने-जाने वाले एक महत्वपूर्ण जलमार्ग, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले फिर से शुरू कर सकते हैं।
ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को दावा किया कि उसने शुक्रवार को दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को भी निशाना बनाया। हालांकि एसोसिएटेड प्रेस इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका।
वहीं, कुवैत में ईरान के ड्रोन हमले के कारण दो बिजली संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचा है और एक जल विलवणीकरण संयंत्र ने काम करना बंद कर दिया।
बिजली मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
बहरीन में, राष्ट्रीय तेल कंपनी ने बताया कि ड्रोन हमले के कारण उसके एक भंडारण केंद्र में आग लग गई जिसे बाद में बुझा दिया गया। कंपनी के मुताबिक, नुकसान का आकलन अभी जारी है और इस घटना में भी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पेट्रो-रसायन संयंत्र में रविवार को हुए हमले के बाद आग लग गई।
अबू धाबी के अधिकारियों ने बोरूज पेट्रो-रसायन संयंत्र में आग लगने की घटना पर तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आग वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किए जाने के बाद गिरे मलबे के कारण लगी। इस घटना के कारण संयंत्र में उत्पादन फिलहाल ठप हो गया है।
इस बीच, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने शुक्रवार देर रात परोक्ष धमकी देते हुए कहा कि तेहरान इस क्षेत्र के दूसरे रणनीतिक जलमार्ग ‘बाब अल-मंडेब’ से होने वाले यातायात को भी बाधित कर सकता है।
बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य 32 किलोमीटर (20 मील) चौड़ा है और यह लाल सागर को अदन की खाड़ी तथा हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया भर में समुद्र के रास्ते ले जाए जाने वाले तेल का लगभग दसवाँ हिस्सा और कंटेनर जहाजों का एक चौथाई हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे गए हैं।
खाड़ी के अरब देशों और कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में दो दर्जन से ज़्यादा लोगों की मौत हो हुई है, जबकि इजरायल में 19 लोगों के मारे जाने की खबर है और अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं।
लेबनान में 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। दस इजराइली सैनिक भी मारे गए हैं।
एपी संतोष नरेश
नरेश

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