यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, मॉस्को पर काले धुएं के बादल

यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, मॉस्को पर काले धुएं के बादल

यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, मॉस्को पर काले धुएं के बादल
Modified Date: June 18, 2026 / 09:19 pm IST
Published Date: June 18, 2026 9:19 pm IST

मॉस्को, 18 जून (एपी) रूसी अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि यूक्रेन ने एक हफ्ते में दूसरी बार मॉस्को की एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया जिससे हवाई अड्डों से विमानों के उड़ान भरने में बाधा आई।

चार साल पहले शुरू हुए रूसी आक्रमण के बाद से इसे यूक्रेन के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है।

यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने अमेरिका और फ्रांस के राष्ट्रपतियों के साथ ‘एक महत्वपूर्ण समन्वय वार्ता’ की है।

जेलेंस्की के बृहस्पतिवार को बाद में ब्रसेल्स पहुंचने की उम्मीद है, जहां वह नाटो और यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे।

रूस ने यूक्रेन पर लगातार ऐसी मिसाइलों से हमले किए हैं, जिनका मुकाबला करना वायु रक्षा प्रणाली के लिए मुश्किल होता है।

यूक्रेन ने बार-बार रूस की तेल इकाइयों को निशाना बनाया है। इसका मकसद युद्ध के लिए रूस की आय को कम करना और नागरिकों को हमले के नतीजों का एहसास कराना है। कुछ इलाकों में ईंधन की कमी की खबरें भी आई हैं।

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘आज सुबह मॉस्को के लोगों का आम सवाल था कि क्या हो रहा है? मैं इसका जवाब दे सकता हूं। आपके देश ने हमारे देश के खिलाफ युद्ध शुरू किया है। सालों से यह हमारे लोगों को मार रहा है। अब जब आपको पता चल गया है कि क्या हो रहा है, तो पुतिन से पूछिए कि वे इसे कब खत्म करने की योजना बना रहे हैं।’’

रूसी मीडिया की ओर से जारी की गई तस्वीरों और वीडियो में मॉस्को की तेल रिफाइनरी में भीषण आग दिखाई दी। क्रेमलिन से लगभग 15 किलोमीटर दूर इस रिफाइनरी में आग लगने से शहर के ऊपर काले धुएं के घने बादल छा गए।

रूस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह रिफाइनरी रूस की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक है। पिछली बार मंगलवार को यूक्रेनी ड्रोन ने इस पर हमला किया था जिससे आग लग गई थी, लेकिन आग को तुरंत बुझा दिया गया था।

अधिकारियों के अनुसार मॉस्को के चार हवाई अड्डों से उड़ानें कुछ समय के लिए रोक दी गईं।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात भर में यूक्रेन की ओर से दागे गए 555 ड्रोनों को नष्ट कर दिया, जिनमें से लगभग 200 ड्रोन को मॉस्को की ओर बढ़ते समय रास्ते में ही रोक दिया गया।

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि शहर के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित तेल रिफाइनरी पर कई ड्रोन गिरे।

वहीं, रूसी परिवहन मंत्रालय ने कहा कि इस हमले के कारण मॉस्को के चार हवाई अड्डों से उड़ानों का संचालन रोक दिया गया।

कुछ घंटे पहले ही जेलेंस्की ने कहा था कि फ्रांस में आयोजित ‘जी-7’ शिखर सम्मेलन में शामिल विश्व नेताओं से यूक्रेन को भविष्य में भी समर्थन के आश्वासन मिले हैं।

मैक्रों ने पेरिस के निकट स्थित वर्साय पैलेस से ट्रंप के साथ रवाना होते समय पत्रकारों से कहा, ‘‘पिछले कुछ दिन यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं, क्योंकि ‘जी-7’ एक बार फिर यूक्रेन के समर्थन में एकजुट हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम यूक्रेन की मदद जारी रखेंगे, ताकि वह इस संघर्ष का डटकर सामना कर सके, अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत बना सके तथा जवाबी कार्रवाई करने की अपनी क्षमता बढ़ा सके।’’

यह हमला रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए शर्मिंदगी की एक और घटना थी। इससे पहले इसी महीने उनके गृहनगर सेंट पीटर्सबर्ग पर यूक्रेनी ड्रोन से हमला हुआ था।

इस समय पुतिन मॉस्को से करीब 700 किलोमीटर पूर्व स्थित कजान में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं। रूस इस मंच के जरिए व्यापारिक और अन्य क्षेत्रों में अपने संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

रूस की सरकार के आधिकारिक मुख्यालय ‘क्रेमलिन’ के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, दो दिन तक चलने वाली इस बैठक में रूस और आसियान देशों के बीच ‘‘रणनीतिक साझेदारी’’ को और व्यापक बनाने के उपायों पर चर्चा होगी।

आसियान के सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, पूर्व तिमोर और वियतनाम शामिल हैं।

एपी संतोष अविनाश

अविनाश


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