(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, तीन अप्रैल (भाषा) संयुक्त राष्ट्र ने दक्षिण सूडान में पिछले वर्ष आई बाढ़ से प्रभावित एक अहम आपूर्ति मार्ग को बहाल करने में वहां तैनात भारतीय शांति रक्षकों के प्रयासों की सराहना की और शांतिरक्षक अभियानों की “महत्वपूर्ण भूमिका” को रेखांकित किया ।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि कठिन हालात के बीच दक्षिण सूडान से कुछ सकारात्मक खबरें सामने आई हैं।
उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां दैनिक प्रेस वार्ता में बताया, “हमारे शांतिरक्षक मिशन (यूएनएमआईएसएस) के अनुसार, अपर नाइल प्रांत में इंजीनियरिंग इकाई के भारतीय शांतिरक्षकों ने अहम आपूर्ति मार्ग मलाकाल-रेनक के एक महत्वपूर्ण हिस्से को आवागमन के लिए फिर से खोल दिया है। यह हिस्सा पिछले वर्ष आई बाढ़ के बाद से बंद था।”
दुजारिक ने कहा, “ये प्रयास इस बात को रेखांकित करते हैं कि शांतिरक्षक मिशन स्थिरता बनाए रखने और सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों तक जरूरी सहायता पहुंचाने में कितनी अहम भूमिका निभाता है।”
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय के अनुमान के अनुसार, पिछले वर्ष दक्षिण सूडान में आई बाढ़ से आठ राज्यों में 13.5 लाख लोग प्रभावित हुए थे और करीब 3,75,600 लोग विस्थापित हुए थे।
जनवरी 2026 तक भारत, यूएनएमआईएसएस में सबसे अधिक सैनिक भेजने वाला देश बना हुआ है, जहां उसके 1,779 जवान शांतिरक्षक अभियान में तैनात हैं।
भाषा खारी शोभना
शोभना