केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संरा महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की

केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संरा महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की

केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संरा महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की
Modified Date: May 8, 2026 / 12:26 pm IST
Published Date: May 8, 2026 12:26 pm IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, आठ मई (भाषा) केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ ‘‘उपयोगी बैठक’’ की।

‘इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम’ (आईएमआरएफ) में भाग लेने के लिए यहां पहुंचे सिंह ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में गुतारेस से मुलाकात की।

सिंह ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आईएमआरएफ के इतर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ एक उपयोगी बैठक हुई।’’

रविवार को यहां पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री दूसरे आईएमआरएफ में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह सम्मेलन चार से आठ मई तक संयुक्त राष्ट्र महासभा के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

इससे पहले उन्होंने आईएमआरएफ के पूर्ण सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत किया और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित “प्रवासन प्रबंधन में डिजिटल नवाचार का उपयोग – भारत का ई-माइग्रेट अनुभव’’ विषयक एक कार्यक्रम को संबोधित किया।

सिंह ने दूसरे आईएमआरएफ में शामिल विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, संयुक्त राष्ट्र के राजदूतों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी संबोधित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने अधिक चुस्त, प्रभावी और असरदार संयुक्त राष्ट्र की आवश्यकता पर जोर दिया, जो हमारे समय की चुनौतियों का निपटारा करने में सक्षम हो।’’

इस दौरान भारतीय स्थायी मिशन ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूरे होने पर एक स्मारक सभा का आयोजन भी किया। यह अभियान पिछले वर्ष मई में भारत द्वारा शुरू किया गया था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी।

भारत के स्थायी मिशन ने इस कार्यक्रम में सिंह की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र में राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने और उनकी रक्षा के लिए उनके मार्गदर्शन में कार्य जारी रहेगा।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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