अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने की धमकी दी

अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने की धमकी दी

अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने की धमकी दी
Modified Date: March 22, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: March 22, 2026 10:02 pm IST

अराद (इजराइल), 22 मार्च (एपी) अमेरिका और ईरान द्वारा युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण बुनियादी और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की धमकी के बीच रविवार को तेहरान और उसके सहयोगी लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्ला ने रविवार को इजराइल पर हमले तेज कर दिए।

ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की नयी धमकी पर अमल करता है, तो तेल और अन्य निर्यात के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत ‘‘पूरी तरह से बंद’’ कर दिया जाएगा।

ट्रंप ने शनिवार देर रात जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे की समयसीमा तय की है।

ईरान की संसद के अध्यक्ष ने कहा कि तेहरान क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली ऊर्जा एवं अन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई करेगा।

ईरान ने शनिवार देर रात दक्षिणी इजराइल के दो इलाकों पर मिसाइल हमले किए, जिससे इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और कई लोग घायल हो गए। ये हमले इजराइल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास हुए।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि डिएगो गार्सिया पर हाल ही में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों से स्पष्ट होता है कि फारस खाड़ी का देश यूरोप तक मार करने की क्षमता रखता है और वह पूरी दुनिया के लिए खतरा पैदा करता है।

नेतन्याहू ने दक्षिणी इजराइली शहर अराद का रविवार को दौरा किया, जिस पर शनिवार शाम ईरान ने मिसाइल हमले किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका देश और अमेरिका पूरी दुनिया की ओर से मिलकर लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप इस बात का सबूत चाहते हैं कि ईरान पूरी दुनिया के लिए खतरा है, तो पिछले 48 घंटों में यह मिल गया है। पिछले 48 घंटों में, ईरान ने एक नागरिक क्षेत्र को निशाना बनाया। वह इसका इस्तेमाल सामूहिक नरसंहार के हथियार के रूप में कर रहा है।’’

नेतन्याहू ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हो रही है कि उनमें से कुछ ने उस दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। हालांकि, इजराइली प्रधानमंत्री ने दावा किया कि और अधिक करने की आवश्यकता है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को ‘‘नेस्तनाबूद’’ कर देगा।

इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि युद्ध अपने चौथे सप्ताह की शुरुआत में एक खतरनाक नए चरण में प्रवेश कर रहा है।

तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देश में दबाव का सामना कर रहे ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने घर से सोशल मीडिया पर यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान को 48 घंटे में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खोलना होगा, अन्यथा अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाएगा।

रविवार तड़के ईरान ने चेतावनी दी कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर किसी भी हमले के जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल के ऊर्जा व बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।

इजराइल पर ये हमले ऐसे समय हुए, जब उसी दिन पहले तेहरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन केंद्र नतांज पर हमला हुआ था।

इजराइली सेना ने कहा कि वह दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर गिरी मिसाइलों को रोक नहीं सकी। यह पहली बार था जब परमाणु केंद्र के आसपास के क्षेत्र में ईरानी मिसाइलें इजराइल की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहीं।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यदि इजराइल डिमोना जैसे अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र में भी मिसाइलों को रोक नहीं पा रहा है, तो यह युद्ध के नए चरण में प्रवेश का संकेत है।’’

दक्षिणी इजराइल के मुख्य अस्पताल के उप निदेशक रॉय केसस ने बताया कि अराद और डिमोना से कम से कम 175 घायल भर्ती हुए हैं।

डिमोना, परमाणु अनुसंधान केंद्र से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम में है, जबकि अराद उससे करीब 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित है।

माना जाता है कि इजराइल पश्चिम एशिया का एकमात्र देश है, जिसके पास परमाणु हथियार हैं, हालांकि उसने कभी इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया।

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि उसे इजराइली केंद्र को किसी नुकसान या असामान्य विकिरण स्तर की कोई सूचना नहीं मिली है।

इजराइल के सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने पहले ही कहा था, ‘‘यह युद्ध समाप्ति के करीब नहीं है।’’

ईरान ने हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन-अमेरिका के संयुक्त डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया, जो करीब 4,000 किलोमीटर दूर है। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान के पास पहले से अनुमानित दूरी से अधिक मार करने वाली मिसाइलें हैं या उसने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का इस्तेमाल किया है।

इस युद्ध का असर पश्चिम एशिया से बाहर भी महसूस किया जा रहा है, जिससे खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है।

बहरहाल, इजराइल ने नतांज पर हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने भी नतांज पर हमले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि इस तरह के हमले ‘‘पूरे पश्चिम एशिया में विनाशकारी आपदा का वास्तविक खतरा’’ पैदा करते हैं।

ईरान ने कहा कि अंदिमेशक में एक अस्पताल पर हमला हुआ। उसके स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मरीजों और डॉक्टरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

वहीं, उत्तरी इजराइल पर हिज्बुल्ला के हमले में एक इजराइली नागरिक की मौत की सूचना है।

इजराइल की सेना ने ‘रॉकेट हमले’ में एक व्यक्ति की मौत होने की बात स्वीकार की है।

एपी शफीक दिलीप

दिलीप


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