अमेरिका और उसके सहयोगियों ने संरा में प्रस्ताव पेश किया, ईरान को प्रतिबंध की धमकी
अमेरिका और उसके सहयोगियों ने संरा में प्रस्ताव पेश किया, ईरान को प्रतिबंध की धमकी
संयुक्त राष्ट्र, छह मई (एपी) अमेरिका और खाड़ी के उसके सहयोगी देशों ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पेश किया है जिसमें ईरान को चेतावनी दी गई है कि यदि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, ‘‘अवैध टोल’’ वसूलना नहीं रोकता और सभी बारूदी सुरंगों (माइन्स) के स्थान का खुलासा नहीं करता तो उस पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं या अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
सुरक्षा परिषद में पेश किए गए प्रस्ताव का मसौदा मंगलवार को ‘एपी’ को प्राप्त हुआ जिसमें यह भी मांग की गई है कि ईरान आवश्यक सहायता, उर्वरक और अन्य सामानों की आपूर्ति के लिए जलडमरूमध्य में एक मानवीय गलियारा स्थापित करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों में ‘तत्काल शामिल हो और सहयोग करे’।
यह अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों द्वारा किया गया नवीनतम राजनयिक प्रयास है। इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में वाशिंगटन और तेहरान द्वारा अस्थायी युद्धविराम की घोषणा से कुछ घंटे पहले चीन और रूस ने जलडमरूमध्य को खोलने के उद्देश्य से लाए गए एक प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को एक बयान में ईरान पर जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश करके, जहाजों पर हमला करने की धमकी देकर, समुद्री बारूदी सुरंग बिछाकर और ‘दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग’ के लिए टोल वसूलने का प्रयास करके ‘दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बनाए रखने’ का आरोप लगाया।
रुबियो ने कहा कि उन्हें आने वाले दिनों में प्रस्ताव पर मतदान होने की उम्मीद है, लेकिन उन्होंने बाद में पत्रकारों से कहा कि उन्हें अब भी इस बात पर संदेह है कि अमेरिका द्वारा मसौदे में किए गए ‘मामूली बदलाव’ परिषद में तेहरान के सहयोगियों द्वारा वीटो से बचने के लिए पर्याप्त होंगे या नहीं। इन बदलावों में बल प्रयोग को अधिकृत करने वाली भाषा को हटाना और इसके बजाय प्रतिबंधों की धमकी पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
व्हाइट हाउस में ब्रीफिंग के दौरान रूबियो ने कहा कि प्रस्ताव सफल होता है या नहीं, यह संयुक्त राष्ट्र के लिए ‘एक वास्तविक परीक्षा’ होगी…।
अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि उनका मानना है कि नया प्रस्ताव 15 सदस्यीय परिषद से पारित होने के लिए आवश्यक समर्थन प्राप्त कर लेगा, और ईरान के सहयोगियों से कोई विरोध या वीटो नहीं होगा।
एपी मनीषा शोभना शोभना वैभव
वैभव

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