अमेरिकी संसद ने दो भारतीय आध्यात्मिक गुरुओं श्री श्री रविशंकर और आचार्य लोकेश मुनि को सराहा
अमेरिकी संसद ने दो भारतीय आध्यात्मिक गुरुओं श्री श्री रविशंकर और आचार्य लोकेश मुनि को सराहा
(ललित झा)
वाशिंगटन, 29 सितंबर (भाषा) अमेरिकी संसद (कांग्रेस) ने विश्व शांति और भाईचारे की दिशा में प्रयास के लिए दो भारतीय आध्यात्मिक गुरुओं श्री श्री रविशंकर और आचार्य लोकेश मुनि की सराहना की है।
भारतीय अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने संसद के निचले सदन ‘प्रतिनिधि सभा’ में कहा, ‘‘ अपने शांति के संदेश और शिक्षा और मानवतावाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ गुरुदेव का जीवन दूसरों की भलाई के लिए समर्पित रहा।’’
रवि शंकर को एक वैश्विक मानवतावादी और आध्यात्मिक गुरु करार देते हुए कृष्णमूर्ति ने कहा कि 40 से अधिक सालों से उन्होंने ध्यान और योग पर आधारित अपने कार्यक्रमों के जरिये इलिनोइस समेत दुनियाभर के व्यक्तियों को आंतरिक शांति की खोज करने में मार्गदर्शन करके मदद की है।
उन्होंने शांति को बढ़ावा देने, धार्मिक सदभाव और वैश्विक मूल्यों के प्रति आजीवन समर्पण के लिए आचार्य मुनि के प्रयासों की सराहना की।
कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘युवा अवस्था में आचार्य डॉ. लोकेश मुनि जी ने अपना जीवन जैन, बौद्ध और वैदिक दर्शन के अध्ययन और शिक्षण के प्रति समर्पित कर दिया। मुनि जी ने विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए खुद को समर्पित कर दिया।’’
कृष्णमूर्ति ने कहा कि मुनि जी ने कई मौकों पर सांप्रदायिक हिंसा को कम करने में मदद की और हाल ही में भारत के गुरुग्राम में विश्व शांति केंद्र खोला है।
भाषा संतोष पवनेश
पवनेश

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